बीआरएस ने तेलंगाना बीजेपी को बैकफुट पर ला दिया, जानिए बड़ी वजह
तेलंगाना बीजेपी में हाल में एक बड़ी उथल पुथल देखी गई। इस हफ्ते बुधवार को नामपल्ली में हुई एक अहम बैठक में ये बात खुलकर सामने आई। भाजपा कार्यालय में राज्य भाजपा पदाधिकारियों और महासचिवों की बैठक में कुछ वरिष्ठ नेताओं ने भी भाग लिया। बैठक में कुछ बीजेपी नेताओं ने वेंकट के बीआरएस में शामिल होने को लेकर कई सवाल किए। इस दौरान भाजपा के राज्य अध्यक्ष जी किशन रेड्डी ने बी वेंकट रेड्डी के सत्तारूढ़ बीआरएस में शामिल होने का मुद्दे को भावनात्मक बताया।
नामपल्ली भाजपा कार्यालय में हुई बीजेपी पदाधिकारियों के बैठक के दौरान किशन रेड्डी ने याद दिलाया कि कैसे राज्य नेतृत्व ने कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी और जी विवेक वेंकटस्वामी जैसे नेताओं को भाजपा में शामिल होने के लिए राजी किया था। वे बड़ी संख्या में अन्य नेता और दलों से भाजपा पार्टी में शामिल हुए थे। लेकिन अब जी किशन रेड्डी के करीबी सहयोगी के दलबदल के साथ बीआरएस में शामिल होने पर एक बार फिर से बार्टी बैकफुट पर आ गई है।

इस अहम बैठक के बाद जी किशन रेड्डी ने विश्वेश्वर रेड्डी और विवेक के साथ चर्चा की। इस दौरान बीजेपी दिग्गजों ने पार्टी के मौजूदा हालात को लेकर आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए चिंता जताई। जी किशन रेड्डी ने कहा कि वेंकट रेड्डी को पार्टी में एक प्रमुख पद का आश्वासन भी दिया गया था। वहीं बीजेपी पदाधिकारियों से हैदराबाद के अंबरपेट बीजेपी पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक भी जी विवेक वेंकटस्वामी के बीआरएस जॉइन करने की मुद्दा उठाया गया।
दरअसल वेंकट रेड्डी ने अपनी पत्नी के साथ बीजेपी छोड़कर बीआरएस में शामिल हुए हैं। वे कई वर्षों तक बीजेपी में रहे। उनके पार्टी के अलग होने की वजह भाजपा में उनकी उपेक्षा बताई गई। पार्टी छोड़ने के बाद संवाददाताओं से उन्होंने कहा कि किशन रेड्डी के साथ जिन मुद्दों पर वह चर्चा करना चाहते थे, उनके प्रयास भी विफल रहे क्योंकि राज्य भाजपा अध्यक्ष बात करने को तैयार नहीं थे।












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