CM अशोक गहलोत के हिंदूत्व और ध्रुवीकरण वाले बयान पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया का पलटवार

जयपुर, 14 मार्च। राजस्थान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा था कि विधानसभा चुनाव में भाजपा हिंदूत्व और ध्रूवीकरण की राजनीति से जीती है। सीएम गहलोत के इस बयान पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने पलटवार किया है।

ashok gehlot satish poonia

उन्होंने कहा कि क्या सनातन परंपरा के देश भारत में कांग्रेस को हिंदुत्व और हिंदू से परहेज है। हिंदुत्व हमारी संस्कृति है। जीने का विचार है तो इससे कांग्रेस पार्टी और अशोक गहलोत को क्या दिक्कत है?

सतीश पूनिया ने दिल्ली में मीडिया से बातचीत की। जिसमें उन्होंने कहा कि क्या 500 वर्षों के संघर्ष के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर के निर्माण के शुभारंभ से कांग्रेस को परहेज है?

क्या कांग्रेस चाहती है कि बहुसंख्यक हिंदू आबादी के देश हिंदुस्तान में भगवान श्रीराम का मंदिर अयोध्या में नहीं बनना चाहिए था? कांग्रेस को हिंदू-हिंदुत्व से क्यों परहेज है ? यह अशोक गहलोत, सोनिया गांधी और राहुल गांधी जनता को बताएं।

राहुल को हिंदू-हिंदूत्व की समझ नहीं

वहीं पूनिया ने राहुल गांधी को भी घेरा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को हिंदू, हिंदुत्व और सनातन परंपरा की कोई समझ नहीं है क्योंकि वह हिंदुत्व, हिंदुत्ववादी शब्दों को हिंदू से अलग बताते हुए व्याख्या करते हैं। जबकि जो भारत में जाया है, वह सभी हिंदुत्व से जुड़े हुए हैं क्योंकि हिंदुत्व हमारी जीवन शैली है और हिंदू हमारा धर्म है, जिस पर हमें गर्व हैl

उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वायपेयी जी के जमाने से ही इस देश में बदलाव की शुरूआत हुई थी। जिसे मोदी जी सरकार ने बुनियादी और वैचारिक मुददों के समाधान से आगे बढ़ाया। कांग्रेस पचास साल तक सिर्फ वोट बैंक और तुष्टिकरण की राजनीति करती रही। जिसके कारण जनता ने कांग्रेस को देश के नक्शे से गायब कर दिया।

उपेक्षा, अपमान, संघर्ष, तिरस्कार, विरोध इन सब परिस्थितियों से निकलते हुए भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रवाद को विचार पर मोदी जी के कुशल नेतृत्व में देश के लोगों का भरोसा बढ़ता ही जा रहा है l सतीश पूनिया ने यह भी कहा कि उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा में भाजपा की प्रचंड जीत मोदी जी के मजबूत और कुशल नेतृत्व की और अधिक सर्वस्वीकार्यता बढ़ी है। सर्वसमाज ने भाजपा के सर्वस्पर्शी और सर्वव्यापी संगठन के विचार और नीतियों को स्वीकार किया है।

पायलट पर किसके कहने पर केस दर्ज करवाया

अशोक गहलोत बताएं कि देश पर आपातकाल किसने थोपा, किसने मीडिया पर सेंसरशिप लगाई, किसने सौ से अधिक बार 356 का दुरुपयोग कर विभिन्न राज्यों की सरकारें गिराई? एजेंसियों के दुरुपयोग की बात अशोक गहलोत जी कहते हैं वो यह बताएं कि कांग्रेस के विधायकों और उनकी सरकार में उपमुख्यमंत्री रहे सचिन पायलट पर एसओजी द्वारा किसके कहने केस दर्ज करवाया।

किसके कहने पर केस वापस लिए गए? केंद्र की एजेंसियां भ्रष्टाचार पर शिकंजा कसने के लिए अगर कार्रवाई करती हैं तो कांग्रेस भ्रष्टाचारियों के साथ खड़े नजर आती है, क्या भ्रष्टाचार पर कार्रवाई करना गलत है?

राज्य की एजेंसियों का गहलोत कर रहे दुरुपयोग

अशोक गहलोत जी पर उनकी स्वयं के सरकार के कई विधायक फोन टैपिंग के आरोप लगा चुके हैं, उनके कई विधायक तो मीडिया में यह तक कह चुके हैं कि मोबाइल पर बात करने में भी डर लगता है कि पता नहीं फोन टैपिंग तो नहीं हो रही तो क्या यह सब अशोक गहलोत जी सत्ता का दुरुपयोग कर राज्य की एजेंसियों का दुरुपयोग नहीं कर रहे हैं?

राज्य की कानून व्यवस्था, शिक्षा, चिकित्सा और रोजगार और संविदाकर्मियों के नियमितीकरण पर उनका कोई ध्यान नहीं है, यह सभी वादे उन्होंने 2018 के घोषणा पत्र में किए और पिछले तीन बजटों में भी कर चुके हैंl

कर्ज माफी नहीं होने से किसान कर रहे सुसाइड

राहुल गांधी जी ने 2018 के राजस्थान विधानसभा चुनाव में रैलियों में प्रदेश के किसानों से वादा किया था कि कांग्रेस की सरकार बनने के 10 दिन के अंदर किसानों का पूरा कर्जा माफ करेंगे, लेकिन 1100 से अधिक दिन और 3 वर्ष से अधिक समय बीतने के बाद भी प्रदेश के लगभग 59 लाख किसान कर्ज माफी का इंतजार कर रहे हैं।

कांग्रेस ने 2018 के अपने घोषणा पत्र में भी वादा किया था। राज्य में किसान कर्जमाफी नहीं होने से हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, भीलवाड़ा सहित कई जिलों में कई किसान सुसाइड कर चुके हैं और 9 हजार से अधिक किसानों की जमीन कुर्क होने की प्रक्रिया चल रही है। अलवर जिले में शहीद के के पिता जो कैंसर पीड़ित हैं उन सहित कई परिवारों की जमीन नीलाम कर दी गई।

रीट की जांच सीबीआई से कराने में डर कैसा?

रीट पेपर लीक मामले की सीबीआई से जांच कराने से अशोक गहलोत जी क्यों डर रहे हैं, उन्होंने प्रदेश के कई मामलों की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश की है तो फिर इस मामले की सीबीआई जांच कराने से पीछे क्यों हट रहे हैं?

इसका मतलब साफ है की रीट पेपर लीक मामले के तार कांग्रेस सरकार में ऊपर तक जुड़े हुए हैं। पिछले तीन बजटों में दो लाख से अधिक नौकरियां देने की घोषणा कर चुके मुख्यमंत्री गहलोत जी अभी तक 50 हजार पदों पर भी भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए हैं। 15 से अधिक परीक्षाएं पेपर लीक व अन्य कारणों से रद्द की गई।

मोदी सरकार की नीति से ओलंपिक-पैरालंपिक में जीत

प्रधानमंत्री मोदी जी की भारत को आत्मनिर्भर और विश्व शक्ति बनाने की नीतियों से देश के युवा स्टार्टअप के माध्यम से रोजगार को बढ़ावा दे रहे हैं। शानदार खेल नीतियों और खिलाड़ियों को मिल रहे आधुनिक प्रशिक्षण और सुविधाओं से देश खेल में भी पूरी दुनिया में परचम लहरा रहा है।

जैसा कि ओलंपिक्स और पैरालंपिक्स में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन हम सभी ने देखा, जिसमें राजस्थान से देवेंद्र झाझड़ियां, अवनी लखेरा सहित कई खिलाड़ियों ने राजस्थान और भारत का नाम पूरी दुनिया में रोशन किया।

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