तेलंगाना में नाराज विधायकों का बीआरएस से हो रहा मोहभंग, कांग्रेस उठा रही फायदा
तेलंगाना विधानसभा चुनाव 2023 के राज्य कीसत्तारूढ़ भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) ने काफी समय पहले 115 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी थी। बीआरएस ने अपनी इस लिस्ट में कई मौजूदा विधायक को बाहर कर दिया था। जिसका परिणाम है कि टिकट ना मिलने से असंतुष्ट विधायकों ने केसीआर की बीआरएस को अलविदा कहना शुरू कर दिया है। इस मौके का फायदा कांग्रेस जमकर उठा रही है। वो बीआरएस छोड़कर आने वाले नेताओं का दिल खोल कर स्वागत कर रही है।

बता दें बीआरए की 115 चुनावी उम्मीदवारों की सूची में जिन मौजूदा विधायकों का नाम शामिल नहीं है या तो वो विद्रोही हो गए हैं या या पार्टी छोड़ने पर विचार कर रहे हैं।अब जबकि चुनाव नजदीक है, ऐसे में सत्तारूढ़ बीआरएस के लिए ये बड़ी चुनौती बन गया है।
बीआरएस के कई नेता जिन्होंनें शरूआत में समझौता करने की इच्छा व्यक्त की थी वो या तो केसीआर की पार्टी को छोड़ चुके हैं या जल्द पार्टी छोड़ने वाले हैं। ऐसे ही खानापुर के विधायक अजमीरा रेखा नाइक कांग्रेस में जाने का निर्णय लिया है। हालांकि वो कांग्रेस कब ज्वाइन कर रहीं हैं ये स्पष्ठ नहीं है। वहीं एमएलसी नागरकर्नूल सीट के लिए अपने बेटे की उम्मीदवारी को सुरक्षित करने के लिए पर्दे के पीछे से काम कर रहा है।
केसीआर की बीआएस को सबसे बड़ा झटका तो मल्काजगिरी के विधायक मयानामपल्ली हनुमंत राव के बीआरएस से इस्तीफा देने के बाद लगा है। राव ने भी कांग्रेस पार्टी ज्वाइन करने की मंशा बताई है।
इसके अलावा मेडक और मल्काजगिरी विधानसभा क्षेत्रों में उनके मजबूत राजनीतिक प्रभाव को देखते हुए हनुमंत राव के जाने से बीआरएस को बड़ा नुकसान हुआ है।
महबूबलनकर के एमएलसी कासि रेड्डी के कांग्रेस ज्वाइन करने की अटकलें लगाई जा रही है। एमएलस रेड्डी कलवाकुर्थी सीट से चुनाव लड़ना चाहते थे लेकिन बीआरएस ने टिकट नहीं दिया और वर्तमान विधायक जयपाल यादव पर भरोसा किया। माना जा रहा है कि नारायण रेड्डी अगर कांग्रेस में चले जाते हैं तो महबूबनगर में बीआरए के गढ़ को खतरा हो जाता।












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