जिला खनिज न्यास निधि खर्च करने में पिछड़ा आंध्र प्रदेश
आंध्र प्रदेश ने पिछले पांच वर्षों में जिला खनिज कोष ट्रस्ट (DMFT) द्वारा एकत्र किए गए धन का केवल 30 प्रतिशत खर्च किया है।
हैदराबाद, 7 मार्च। आंध्र प्रदेश ने पिछले पांच वर्षों में जिला खनिज कोष ट्रस्ट (DMFT) द्वारा एकत्र किए गए धन का केवल 30 प्रतिशत खर्च किया है। सभी जिलों में DMFT द्वारा एकत्र किए गए 1325.99 करोड़ रुपये में से अब तक केवल 404.93 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। DMFT खनन गतिविधियों से प्रभावित क्षेत्रों में खनन पट्टा धारकों से एकत्रित धन से आवश्यक कार्य करने के लिए बनाए गए हैं।

इन आवश्यक कार्यों में पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण उपाय, स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास, महिलाओं और बच्चों का कल्याण, स्वच्छता को प्राथमिकता वाले कार्यों और भौतिक बुनियादी ढांचे, सिंचाई, ऊर्जा और वाटरशेड विकास और गैर-प्राथमिकता वाले कार्यों के रूप में अन्य कार्य शामिल हैं। नियमों के अनुसार 60 प्रतिशत धनराशि प्राथमिकता वाले कार्यों पर तथा शेष 40 प्रतिशत धनराशि गैर-प्राथमिकता वाले कार्यों में आवंटित की जा सकती है।
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केंद्रीय खान मंत्रालय द्वारा दिए गए आंकड़ों के अनुसार, सभी 13 जिलों में DMFT स्थापित हैं। जहां सबसे ज्यादा फंड 296.39 करोड़ रुपये वाईएसआर कडप्पा जिले में से एकत्र किया गया था, वहीं पश्चिम गोदावरी में केवल 18.32 करोड़ रुपये एकत्र किए गए, जो सभी जिलों में सबसे कम है। डीएमएफटी द्वारा एकत्रित धन से प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना (पीएमकेकेकेवाई) के तहत 14,695 कार्य किए गए।












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