AP: देश में आंध्र प्रदेश नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बनने के लिए पूरी तरह तैयार, बोले- एस रमण रेड्डी
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास निगम एपी (एनआरईडीसीएपी) के उपाध्यक्ष और प्रबंध निदेशक एस रमण रेड्डी ने कहा कि देश में आंध्र प्रदेश नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बनने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने में सबसे आगे है। उसने डीकार्बोनाइजेशन के लिए कई पहल की हैं।
राज्य सरकार ने हरित हाइड्रोजन उत्पादन को 0.5 एमटीपीए (मिलियन टन प्रति) की क्षमता तक बढ़ाने के उद्देश्य से एपी नवीकरणीय ऊर्जा निर्यात नीति 2020, एपी पंप स्टोरेज पावर प्रमोशन नीति 2022 और एपी ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया नीति 2023 शुरू की है।

नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का पूरी तरह से दोहन करके अगले पांच वर्षों में 2.0 एमटीपीए की क्षमता तक हरित अमोनिया का उत्पादन किया है। इन पहलों का उद्देश्य निवेश आकर्षित करना, रोजगार प्रदान करना और राज्य की अर्थव्यवस्था में सुधार करना है। उन्होंने बताया कि इससे राज्य में हरित हाइड्रोजन के प्रति एमटीपीए उत्पादन में 12000 नौकरियों का सृजन सुनिश्चित होगा।
एनआरईडीसीएपी वीसी ने मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी द्वारा शुरू की गई ऊर्जा-कुशल नीतियों की सफलता का श्रेय ऊर्जा मंत्री पेद्दीरेड्डी रामचंद्र रेड्डी के प्रभावी पर्यवेक्षण को दिया। पीएसपी को बढ़ावा देने के लिए एपी की पहल की सराहना करते हुए केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के सदस्य (हाइड्रो) एमएकेपी सिंह ने अन्य राज्यों को आंध्र प्रदेश के मॉडल का अनुसरण करने की सलाह दी है।
एनआरईडीसीएपी नोडल एजेंसी के रूप में पीएसपी साइटों की पहचान कर रही है और डीपीआर तैयार कर रही है। विभिन्न एजेंसियों से सभी आवश्यक मंजूरी प्राप्त करके अनुमोदित डीपीआर दे रही है ताकि डेवलपर का जोखिम और समय कम से कम हो और डेवलपर निवेश निर्णय लेने में सक्षम हो सके। यह दृष्टिकोण कम से कम समय में पीएसपी के विकास में मदद करता है। अब तक 21250 मेगावाट की कुल पीएसपी क्षमता वाली 21 परियोजनाओं के लिए एफआर और डीपीआर प्रस्तुत किए जा चुके हैं।












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