लोकसभा उप चुनाव जीतने के बाद आम आदमी पार्टी ने नगर निगम चुनाव की तैयारी कर दी शुरू

जालंधर उप चुनावजीतने के बाद Action में AAP, अब एक और किला फतह करने की तैयारी शुरू कर दी है।

सांकेतिक फोटो

जालंधर लोकसभा उप चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद आम आदमी पार्टी द्वारा नगर निगम चुनाव की तैयारी शुरू कर दी गई है, जिसके तहत नए सिरे से वार्डबंदी फाइनल करने के लिए 19 मई को मीटिंग बुलाई गई है। यहां बताना उचित होगा कि नगर निगम के जनरल हाउस का कार्यकाल 25 मार्च को पूरा हो गया है लेकिन अभी तक नगर निगम चुनाव करवाने के लिए शेड्यूल जारी नहीं किया गया है, जिसके लिए भले ही नए सिरे से वार्डबंदी फाइनल न होने का हवाला दिया जा रहा है। लेकिन असलियत यह है कि आम आदमी पार्टी द्वारा पहले जालंधर लोकसभा उप चुनाव के नतीजों का इंतजार किया जा रहा था अब जीत हासिल करने से उत्साहित आम आदमी पार्टी के नेताओं द्वारा नगर निगम चुनाव करवाने की तैयारियां शुरू कर दी गई है जिसके संकेत लोकल बॉडीज विभाग द्वारा नए सिरे से वार्डबंदी फाइनल करने के लिए 19 मई को मीटिंग बुलाने से मिल रहे हैं।

सरकार ने देरी के लिए नगर निगम पर फोड़ा ठीकरा
लोकल बॉडीज विभाग द्वारा नए सिरे से वार्डबंदी करने के लिए नोटिस पिछले साल जून में जारी किया गया था और यह काम एक हफ्ते के भीतर पूरा करने की डेडलाइन फिक्स की गई थी लेकिन नए सिरे से वार्डबंदी फाइनल करने का काम अब तक अधर में लटका हुआ है, जिसकी वजह यह है कि पहले आबादी का आंकड़ा जुटाने के लिए डोर टू डोर सर्वे करने का काम पूरा करने में ही काफी समय लग गया। अब वार्डों की बाउंड्री में बदलाव करने का काम काफी देर पहले पूरा हो गया है, लेकिन वार्डों की नंबरिंग व रिजर्वेशन को लेकर विधायकों के बीच सहमति न बनने की वज़ह से पेंच फंसा हुआ है, जिसकी वजह से चंडीगढ़ में होने वाली मीटिंगो को एक के बाद एक करके 5 बार रद्द कर दिया गया है। जिसके चलते नए सिरे से वार्डबंदी फाइनल करने में हो रही देरी का सरकार दुआरा नगर निगम पर फोड़ दिया गया है। इस संबंधी लोकल बॉडीज विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर दुआरा जारी लेटर में साफ तौर पर लिखा गया है कि नगर निगम द्वारा नए सिरे से वार्डबंदी फाइनल करने से जुड़ा रिकॉर्ड नहीं भेजा जा रहा है जिसके मद्देनजर चेतावनी दी गई है कि अधूरा रिकॉर्ड पेश करने या नए सिरे से वार्डबंदी फाइनल करने में हो रही देरी को लेकर कोर्ट द्वारा कोई ऑर्डर जारी करने की सूरत में नगर निगम की जिम्मेदारी फिक्स की जाएगी।

विधायकों के विरोध के चलते पूर्व पार्षदो को नहीं मिलेगी एंट्री
नए सिरे से वार्डबंदी फाइनल करने के लिए सरकार दुआरा गठित कमेटी में मेयर - कमिश्नर, डी सी, ए डी सी, एडिशनल कमिश्नर, ज्वाइंट कमिश्नर के अलावा पार्षदों को शामिल किया गया था लेकिन 25 मई को नगर निगम के जनरल हाउस के साथ पार्षदो का कार्यकाल भी पूरा हो गया है। हालांकि उसके बाद बुलाई गई बैठक में सियासी पार्टियों के सदस्यों के रूप में शामिल होने के पार्षदों को न्योता दिया गया था, जिसका आम आदमी पार्टी के विधायकों द्वारा विरोध किया गया जिसके मद्देनजर 19 मई को होने वाली मीटिंग के लिए जारी नोटिस में पूर्व पार्षदो को बुलाने का जिक्र नहीं किया गया है।

अब यह अपनाई जाएगी प्रकिया
अगर 19 मई को होने वाली मीटिंग के दौरान वार्डों की बाउंड्री में बदलाव करने के अलावा वार्डों की नंबरिंग व रिजर्वेशन को लेकर विधायकों के बीच सहमति बन गई तो नए सिरे से वार्डबंदी फाइनल करने से पहले पब्लिक से एतराज मांगने जरूरी है जिसके लिए ड्राफ़्ट नोटिफिकेशन जारी करने का प्रावधान है और लोगों के सुझाव के अनुसार फैसला लेने के बाद फाइनल नोटिफिकेशन जारी किया जा सकता है

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