Vinayak Chaturthi 2024: विनायक चतुर्थी आज, जानिए पूजा विधि, महत्व और इस व्रत का लाभ
Vinayak Chaturthi 2024: ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी बड़ी चतुर्थी कहलाती है। आज ही ये पावन दिन है। इस दिन पूरे दिन पुष्य नक्षत्र और सर्वार्थसिद्धि योग रहने वाला है। इसलिए इस दिन की गई भगवान गणेशजी की आराधना विशिष्ट फल प्रदान करने वाली है।
इस चतुर्थी के दिन किया गया व्रत पूजन आपके जीवन के सारे संकटों को दूर कर देगा।10 जून को पुष्य नक्षत्र सूर्योदय पूर्व से लेकर रात्रि 9 बजकर 38 मिनट तक रहेगा।

चतुर्थी तिथि सायं 4:14 पर ही पूर्ण हो जाएगी और सर्वार्थसिद्धि योग और रवियोग रात्रि 9:40 तक रहेगा। इस लिहाज से यह दिन अत्यंत विशेष है।
कैसे करें विनायक चतुर्थी पूजन
विनायक चतुर्थी के दिन प्रात:काल स्नानादि से निवृत्त होकर साफ-स्वच्छ वस्त्र पहनें और अपने घर के पूजा स्थान में नित्य पूजा करने के बाद गणेशजी को एक तरबाने में विराजित कर उनका पंचामृत से अभिषेक करें फिर शुद्ध जल से स्नान कर चौकी पर बिठाएं। यहां गणेशजी को सिंदूर आदि शोडशोपचार पूजन संपन्न करें।
भोग लगाएं और विनायक चतुर्थी व्रत की कथा सुनें
गणेशजी को दूर्वा जरूर अर्पित करें। भोग लगाएं और विनायक चतुर्थी व्रत की कथा सुनें। कथा के दौरान चावल के 13 दानें लेकर अपने पल्लू में बांध लें। दिन भर व्रत रखें। सूर्यास्त के बाद पुन: पूजन करें, ज्योत लें और चंद्र दर्शन की प्रतीक्षा करें। चंद्र उग आने के बाद चंद्र का पूजन करें और जल के अर्घ्य के साथ पल्लू में बंधे हुए चावल के दाने भी चंद्र को अर्पित करें। इसके बाद भोजन ग्रहण करें।
विनायक चतुर्थी व्रत के लाभ
- विनायक चतुर्थी व्रत करने से संकट समाप्त होते हैं। आर्थिक परेशानी दूर होती है। यदि परिवार में कोई रोग है तो वह भी दूर हो जाता है।
- विनायक चतुर्थी व्रत वैसे तो महिलाएं करती हैं लेकिन पति-पत्नी दोनों को साथ में करना चाहिए।
- विनायक चतुर्थी व्रत करने से परिवार में सुख-सामंजस्य बना रहता है और आपसी प्रेम में वृद्धि होती है।
- यह व्रत समस्त सुख और भोग प्रदान करता है। मनुष्य की भौतिक सुख-सुविधाओं में वृद्धि होती है।
- विनायक चतुर्थी व्रत जिस कामना की पूर्ति के लिए किया जाता है वह अवश्य पूरी होती है।












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