Surya Yantra: सूर्य की पीड़ा दूर करता है सूर्य यंत्र, जानिए इसके चमत्कारिक फायदे
Surya Yantra benefits: वैदिक ज्योतिष में सूर्य को आत्मा का कारक कहा गया है। रिश्तों में यह पिता का प्रतिनिधित्व करता है।
सूर्य से सम्मान, प्रतिष्ठा, सरकारी नौकरी, स्वस्थ शरीर की प्राप्ति होती है। जब किसी जातक की कुंडली में सूर्य खराब हो तो उसे विभिन्न क्षेत्रों में परेशानी का सामना करना पड़ता है।

कुंडली में सूर्य शत्रु क्षेत्री, शनि के साथ, छठा-आठवां-12वां हो तो जातक नौकरी के लिए सदा भटकता रहता है। सूर्य को मजबूत बनाने के लिए सूर्य यंत्र धारण करने की विधि शास्त्रों में बताई गई है। सूर्य यंत्र वैसे तो बाजार में अनेक धातुओं के बने बनाए मिलते हैं लेकिन यह अधिक असरदार तभी होता है जब जातक इसे अपने हाथ से बनाकर विधिवत पूजन कर धारण करे।
कैसे बनता है सूर्य यंत्र
सूर्य यंत्र बनाने के लिए आपको भोजपत्र लेना है छोटा आकार का, जिस पर यंत्र बन सके। इसके बाद केसर को गुलाबजल में घोलकर स्याही बना लें। आंकड़े के पेड़ की छोटी सी टहनी को तोड़कर उसकी कलम बना लें। अब भोजपत्र पर चार आड़ी लाइनें खींचें और चार खड़ी लाइनें खींचे।
इस प्रकार नौ खाने बन जाएंगे। इसमें सबसे ऊपर की पहली पंक्ति के पहले खाने से शुरू कर बाएं से दाएं 6, 1, 6 लिखें। दूसरी पंक्ति में 7, 5, 3 लिखें। तीसरी पंक्ति में 2, 9, 4 लिखें। इस प्रकार सभी तरफ से जोड़ने पर कुल संख्या 15 आएगी। यह सूर्य यंत्र होता है। अब इसे अपने पूजा स्थान में बैठकर लाल कपड़े पर रखकर पूजन करें। सूर्य के मंत्र ऊं ह्रीं ह्रौं सूर्याय नम: का एक माला जाप करें।
लाल कागज पर लाल पेन का प्रयोग कर सकते हैं
इसके बाद इस यंत्र को आठ फोल्ड करके चांदी के ताबीज में भरकर लाल धागे में बांधकर गले में पहन लें। यह प्रयोग रविवार के दिन किया जाए तो अधिक उत्तम वरना किसी भी दिन किया जा सकता है। यदि आपको भोजपत्र न मिल पाए तो लाल कागज पर लाल पेन से भी लिखा जा सकता है।
सूर्य यंत्र के लाभ (Surya Yantra benefits)
- सूर्य यंत्र धारण करने से जातक में आत्मविश्वास आता है। वह प्रत्येक कार्य को पूरी क्षमता से करता है।
- कुंडली में सूर्य खराब अवस्था में है तो उसमें सुधार आता है।
- धन, संपदा, नौकरी की प्राप्ति होती है। प्रमोशन होता है, उन्नति होती है।
- शारीरिक रोग दूर होते हैं।












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