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Shiv Ji Ki Aarti in Hindi: शिव की आरती से दूर होते हैं कष्ट, मिलती है सुख शांति

Shiv Ji Ki Aarti in Hindi: भगवान शिव करुणा, त्याग और तपस्या के प्रतीक हैं। शिव जी की आरती करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और जीवन में शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि आती है। शिवभक्तों के लिए शिव आरती बहुत मायने रखती है, इसके बिना उनकी पूजा पूर्ण नहीं हो सकती है।

Shiv Ji Ki Aarti in Hindi

Shiv Ji Ki Aarti : ॐ जय शिव ओंकारा

  • ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा। ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा ॥ ॐ जय शिव ओंकारा॥
  • एकानन चतुरानन पंचानन राजे । हंसासन गरूड़ासन वृषवाहन साजे ॥ ॐ जय शिव ओंकारा॥
  • दो भुज चार चतुर्भुज दसभुज अति सोहे । त्रिगुण रूप निरखते त्रिभुवन जन मोहे ॥ ॐ जय शिव ओंकारा॥
  • अक्षमाला वनमाला, मुण्डमाला धारी । चंदन मृगमद सोहै, भाले शशिधारी ॥ ॐ जय शिव ओंकारा॥
  • श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे । सनकादिक गरुणादिक भूतादिक संगे ॥ ॐ जय शिव ओंकारा॥
  • कर के मध्य कमंडल चक्र त्रिशूलधारी । सुखकारी दुखहारी जगपालन कारी ॥ ॐ जय शिव ओंकारा॥
  • ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका । प्रणवाक्षर में शोभित ये तीनों एका ॥ ॐ जय शिव ओंकारा॥त्रिगुणस्वामी जी की आरति जो कोइ नर गावे । कहत शिवानंद स्वामी सुख संपति पावे ॥ ॐ जय शिव ओंकारा॥

Shiv Ji Ki Aarti Significance: शिव आरती का महत्व

शिव जी की आरती केवल एक धार्मिक क्रिया नहीं, बल्कि आत्मिक शुद्धि का माध्यम है जो कि भक्त को भोलेनाथ से कनेक्ट करता है। इसकी आरती से मन की चंचलता समाप्त होती है और घर और मन दोनों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। यही नहीं शिव कृपा से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और इंसान को यश की प्राप्ति होती है। करियर और व्यापार में बाधाएं दूर होती हैं, विवाह में आ रही अड़चनें समाप्त होती हैं यही नहीं ये कालसर्प दोष और शनि दोष के प्रभाव को भी कम करता है।

Shiv Ji Ki Aarti Rules: शिव आरती के नियम क्या हैं?

सबसे पहले स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें और इसके बाद शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र अर्पित करें और फिर पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख रखें और शिवा का ध्यान करें और घी या तेल का दीपक जलाएं और इसके बाद शिव आरती करें।

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DISCLAIMER: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी चीज को अमल लाने के लिए किसी ज्योतिषी और किसी पंडित से अवश्य बातें करें।

शिव आरती से कौन-सी मनोकामना पूरी होती है?

स्वास्थ्य, संतान सुख, विवाह, नौकरी और मानसिक शांति की कामना पूर्ण होती है।

क्या महिलाएं शिव जी की आरती कर सकती हैं?

बिल्कुल, शिव जी सभी भक्तों पर समान कृपा करते हैं।

शिव जी की आरती किस समय करना शुभ होता है?

प्रातः ब्रह्म मुहूर्त या संध्या काल सबसे शुभ माना जाता है।

क्या बिना व्रत के शिव आरती कर सकते हैं?

हां,आरती के लिए व्रत अनिवार्य नहीं है, श्रद्धा ही सबसे महत्वपूर्ण है।

शिव जी की आरती दिन में कितनी बार करनी चाहिए?

प्रतिदिन एक बार पर्याप्त है, लेकिन सोमवार और श्रावण में दो बार करना श्रेष्ठ माना जाता है।

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