Kolkata Airport पर बिजली गिरने से IndiGo फ्लाइट क्षतिग्रस्त, 140 यात्री मौत के मुंह से कैसे लौटे?
Kolkata Airport IndiGo Flight Lightning Strike: कोलकाता नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शुक्रवार (19 जून) सुबह एक भयानक घटना घटी। अगरतला जाने वाली इंडिगो फ्लाइट 6E 6068 पर बिजली गिर गई। विमान में 140 से अधिक यात्री सवार थे। विमान एयरोब्रिज 56L पर खड़ा था और बोर्डिंग पूरी हो चुकी थी। आंधी-तूफान और भारी बारिश के बीच हुई इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया।
गनीमत रही कि किसी यात्री को कोई चोट नहीं आई। हालांकि, इंडिगो के दो ग्राउंड स्टाफ सदस्य बिजली गिरने से प्रभावित हुए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। दोनों की हालत अब स्थिर बताई जा रही है। यात्रियों को बाद में दूसरे विमान से अगरतला रवाना किया गया। यह घटना 12 जून 2025 को हुए अहमदाबाद विमान दुर्घटना (260 मौतें) की याद ताजा कर रही है, लेकिन कोलकाता में समय रहते बचाव हो गया।

घटना कैसे हुई?
भारतीय विमानन प्राधिकरण (AAI) और सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार सुबह कोलकाता में तेज आंधी-तूफान और भारी बारिश हो रही थी। हवाई अड्डा संचालन नियंत्रण केंद्र (AOCC) ने पहले ही मौसम चेतावनी जारी कर दी थी।
फ्लाइट 6E 6068 बोर्डिंग पूरी कर चुकी थी। तभी विमान पर बिजली गिरी। विमान की बिजली व्यवस्था ठप हो गई और इलेक्ट्रिकल सिस्टम क्षतिग्रस्त हो गया। विमान को उड़ान भरने से तुरंत रोक दिया गया।
इंडिगो ने इस घटना पर आधिकारिक टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, लेकिन एयरलाइन ने X (पूर्व ट्विटर) पर यात्रियों को आश्वासन दिया कि मौसम पर नजर रखी जा रही है और सुरक्षित पहुंचाने के लिए पूरी कोशिश की जा रही है।
आइए अब इसे ग्राफिक्स की मदद से पूरा समझते हैं...
शुक्रवार सुबह (घटना का दिन): कोलकाता और आसपास के इलाकों में सुबह से ही तेज आंधी-तूफान और भारी बारिश शुरू। कई इलाकों में जलभराव, यातायात बाधित। AAI और मौसम विभाग ने हवाई अड्डे पर मौसम चेतावनी जारी की। इंडिगो ने यात्रियों को Travel advisory जारी की- 'कोलकाता में खराब मौसम के कारण उड़ानों का शेड्यूल प्रभावित हो रहा है। हम स्थिति पर नजर रख रहे हैं।'

घटना के तुरंत बाद सभी 140+ यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया। किसी को चोट नहीं आई। विमान को उड़ान के लिए अनुपयुक्त घोषित किया गया। यात्रियों को दूसरे विमान में शिफ्ट कर अगरतला भेजा गया।
इंडिगो और AAI ने क्या कहा?
इंडिगो ने यात्री सहायता के लिए टीम तैनात की। एयरलाइन ने वेबसाइट और ऐप पर फ्लाइट स्टेटस चेक करने की सलाह दी। AAI ने हवाई अड्डे पर सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा शुरू की।
विमान पर बिजली गिरना: कितना खतरनाक?
आधुनिक विमान (जैसे Airbus A320, जो इंडिगो के बेड़े में मुख्य है) बिजली गिरने से बचाव के लिए Faraday Cage डिजाइन किए जाते हैं। बिजली बाहरी धातु संरचना से गुजरती है और अंदर के यात्री/सिस्टम प्रभावित नहीं होते। लेकिन इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम, रडार, नेविगेशन और इंजन कंट्रोल क्षतिग्रस्त हो सकते हैं। ग्राउंड स्टाफ और एयरोब्रिज पर मौजूद लोग ज्यादा जोखिम में होते हैं। कोलकाता जैसी घटना में विमान खड़ा होने के कारण यात्री बच गए।
विश्व में हर साल औसतन 1-2 विमानों पर बिजली गिरने की खबर सामने आती है, लेकिन मौतें बहुत कम होती हैं। फिर भी, खराब मौसम में उड़ान प्रबंधन बेहद महत्वपूर्ण है।
Ahmedabad Plane Crash: अहमदाबाद दुर्घटना की याद ताजा
इस घटना ने 12 जून 2025 की अहमदाबाद विमान दुर्घटना की याद ताजा कर दी, जिसमें 260 लोगों की जान चली गई थी। कोलकाता में गनीमत रही कि सिर्फ तकनीकी क्षति हुई और जान-माल का नुकसान टल गया।
मौसम और हवाई सुरक्षा पर उठे सवाल ?
कोलकाता में मानसून पूर्व की आंधी-तूफान आम हैं, लेकिन हाल के वर्षों में तीव्रता बढ़ी है। विशेषज्ञों का कहना है कि हवाई अड्डों को मौसम चेतावनी पर ज्यादा सख्ती से अमल करना चाहिए। बोर्डिंग के दौरान खराब मौसम में विमान को शेल्टर में ले जाना चाहिए। ग्राउंड स्टाफ की सुरक्षा के लिए बेहतर प्रोटोकॉल जरूरी। इंडिगो भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन है, जो रोजाना सैकड़ों उड़ानें संचालित करती है। इस घटना के बाद एयरलाइन की सुरक्षा प्रक्रियाओं की जांच हो सकती है।
यात्री बोले- घबराहट हो रही थी
यात्रियों ने बताया कि अचानक तेज आवाज हुई और लाइटें चली गईं। कुछ देर तक घबराहट रही, लेकिन क्रू मेंबर्स ने शांति बनाए रखी। सभी को सुरक्षित निकाल लिया गया। बाद में दूसरी फ्लाइट से उन्हें गंतव्य पहुंचाया गया।
कोलकाता हवाई अड्डे की यह घटना विमानन सुरक्षा के लिए चेतावनी है। भले ही यात्री बच गए, लेकिन दो ग्राउंड स्टाफ सदस्यों का प्रभावित होना गंभीर मुद्दा है। भारतीय विमानन प्राधिकरण और एयरलाइंस को इस घटना से सीख लेते हुए प्रोटोकॉल मजबूत करने चाहिए। यात्रियों की सुरक्षा सबसे ऊपर है। कोलकाता घटना एक बार फिर साबित करती है कि प्रकृति के सामने इंसान कितना छोटा है, लेकिन सही तैयारी और त्वरित कार्रवाई से बड़ी त्रासदी को रोका जा सकता है।












Click it and Unblock the Notifications