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Shardiya Navratri Day 3: गाएं मां चंद्रघंटा का ये भजन, मैया करेंगी हर संकट का हल!

Maa Chandraghanta Bhajan: शारदीय नवरात्रि का तीसरा दिन मां चंद्रघंटा की आराधना के नाम होता है। आज देशभर के मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। माता के दर्शन और पूजन के साथ-साथ पारंपरिक भजनों की गूंज ने पूरा माहौल भक्तिमय बना हुआ है। ढोल-नगाड़ों और घंटियों की आवाज के बीच गाए जा रहे भजन भक्तों को माता की कृपा का अनुभव करवा रहे हैं।

मां चंद्रघंटा का स्वरूप साहस और शांति का प्रतीक माना जाता है। इनके माथे पर अर्धचंद्र शोभा पाता है और हाथ में घंटा धारण करने के कारण इन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है। भक्त मानते हैं कि इस दिन मां की पूजा और भजन-कीर्तन से जीवन की सारी बाधाएँ दूर होती हैं और घर में सुख-समृद्धि आती है।

Maa Chandraghanta Bhajan

पारंपरिक भजनों में मां की महिमा का सुंदर वर्णन किया जाता है। इनमें बताया जाता है कि मां अपने भक्तों के दुख हर लेती हैं और उन्हें साहस, शक्ति और ज्ञान प्रदान करती हैं। सुबह और शाम की आरती के समय गाए जाने वाले ये भजन भक्तों को गहरी भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा से भर देते हैं।
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🌺मां चंद्रघंटा का भजन (Maa Chandraghanta Bhajan)

सुनो रे भक्तों मां की महिमा,
चंद्रघंटा माँ दयालु।
सिंह पर सवार विराजे,
तेरे दर पे आया हूँ मैं।

जय माँ चंद्रघंटा, जय-जय मां चंद्रघंटा।
भक्तों के दुःख हरने वाली,
जय माँ चंद्रघंटा॥

घंटा की मधुर ध्वनि से मां,
सबका कल्याण करें।
तीसरे रूप में पूजी जाती,
सदा मंगल कामना करें।

जय माँ चंद्रघंटा, जय-जय माँ चंद्रघंटा।
भक्तों के दुःख हरने वाली,
जय माँ चंद्रघंटा॥

🌺माँ अंबे की आरती (Maa Ambe ki Aarti)

ॐ जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी।
तुमको निशदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी॥

ॐ जय अम्बे गौरी...

मांग सिंदूर विराजत, टीको मृगमद को।
उज्ज्वल से दोउ नैना, चंद्रवदन नीको॥

ॐ जय अम्बे गौरी...

कनक समान कलेवर, रक्ताम्बर राजै।
रक्त पुष्प गलमाला, कण्ठन पर साजै॥

ॐ जय अम्बे गौरी...

केहरि वाहन राजत, खड़ग खप्पर धारी।
सुर-नर मुनिजन सेवत, तिनके दुख हारी॥

ॐ जय अम्बे गौरी...

कानन कुंडल शोभित, नासाग्रे मोती।
कोटिक चंद्र दिवाकर, सम राजतम ज्योति॥

ॐ जय अम्बे गौरी...

शुम्भ निशुम्भ बिदारे, महिषासुर घाती।
धूम्र विलोचन नैना, निशदिन मदमाती॥

ॐ जय अम्बे गौरी...

चौंसठ योगिनि मंगल, गावत नृत्य करै।
बाजत ताल मृदंग, अरु बाजत मृदंग करै॥

ॐ जय अम्बे गौरी...

तुम ही हो जगदाता, तुम ही हो पालनहारी।
तुम ही हो जग की माता, तुम ही हो दुख हारी॥

ॐ जय अम्बे गौरी...

भक्तजनो के संकट, क्षण में दूर करै।
दासो पर कृपा करै, जगमंगल करै॥

ॐ जय अम्बे गौरी...

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