Shanishchari Amavasya 2022: शनि की शांति के लिए क्या करें?
नई दिल्ली, 29 अप्रैल। वैशाख कृष्ण चतुर्दशी 29 अप्रैल 2022 को शनि राशि परिवर्तन करते हुए कुंभ राशि में प्रवेश करने जा रहा है। शनि के इस राशि परिवर्तन के दूसरे ही दिन 30 अप्रैल को अमावस्या पर शनैश्चरी अमावस्या का योग बना है। वैशाख माह में आ रही शनैश्चरी अमावस्या विशेष लाभकारी और पुण्यदायी है। इस दिन अश्विनी नक्षत्र और प्रीति योग रहेगा। अमावस्या तिथि दिवस र्पयत रहने के कारण पर्वकाल भी पूरे दिन रहेगा।

इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करके दान-पुण्य करने का विशेष महत्व है। शनैश्चरी अमावस्या होने के कारण शनि की शांति के निमित्त किए गए कार्य पूर्ण फलदायी होंगे। जिन लोगों पर शनि की साढ़ेसाती और लघुकल्याणी ढैया चल रहा है या जिन लोगों की जन्मकुंडली में शनि अशुभफलकारी होकर बैठा है, उन्हें इस दिन विशेषतौर पर शनि शांति के कर्म करना चाहिए।
शनि की शांति के लिए क्या करें
- शनैश्चरी अमावस्या के दिन काले कपड़े में काले उड़द, काले तिल, लौहा बांधकर इसे तेल के साथ शनिदेव को अर्पित करें। शनि मंदिर में बैठकर शनि चालीसा, शनि स्तोत्र, शनि स्तवराज का पाठ करें।
- शनि की शांति के लिए रुद्राक्ष या काले हकीक की माला से ऊं शं शनैश्चराय मंत्र की 21 माला जाप करें। इससे शनि की पीड़ा से मुक्ति मिलेगी।
- शनैश्चरी अमावस्या के दिन भिखारियों, कोढ़ियों, दिव्यांगों, दृष्टिहीनों को भोजन करवाएं। वस्त्र भेंट करें, छाता और जूते-चप्पल दान में दें।
- इस दिन काले घोड़े को पानी में भिगोए हुए काले चने खिलाने से शनि की पीड़ा से मुक्ति मिलती है।
- शनैश्चरी अमावस्या के दिन हनुमानजी का पूजन करके हनुमान बाहुअष्टक का पाठ करने से आपदाएं समाप्त होती हैं।
- शनैश्चरी अमावस्या के दिन दोपहर 12 बजे से पूर्व पीपल के वृक्ष में जल और मीठा दूध अर्पित करें। सायंकाल में पीपल के वृक्ष के नीचे पांच दीपक लगाएं।
- इस दिन काले कुत्ते को घी चुपड़ी रोटी खिलाने से शनि के साथ राहु-केतु की भी शांति होती है।












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