Shani Dev: इन 10 उपायों से शनिदेव होंगे प्रसन्न, बना देंगे धनवान कभी नहीं खाली होगी तिजोरी
Shani Dev: आज साल 2026 के जनवरी महीने का आखिरी शनिवार है, ये साल सूर्य का है और शनि की अपने पिता से बनती नहीं इसलिए लोगों के मन में अभी भी भय है कि वो शनिदेव के कोप का शिकार हो सकते हैं, अगर आपके मन में भी ऐसा कुछ है तो निश्चित हो जाइए और मन से वहम निकाल दीजिए कि शनि लोगों को नुकसान पहुंचा सकते हैं या फिर वो लोगों पर रूष्ट हो सकते है।
दरअसल वो न्याय के देवता हैं और कर्मों के आधार पर लोगों को दंडित या पुरस्कृत करते हैं इसलिए अगर शनिदेव से शुभ फल पाना है तो अपने कर्मों को सही रखें और शनिवार को कुछ विशेष उपाय कीजिए इससे आपको शुभ फल की तो प्राप्ति तो होगी ही, साथ ही आपके सारे कष्टों का अंत भी हो जाएगा।

मालूम हो कि शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या या अशुभ प्रभाव के कारण जीवन में बाधाएं, आर्थिक परेशानी, स्वास्थ्य समस्याएं और मानसिक तनाव बढ़ जाता है लेकिन आप निम्न उपाय करके शनिदेव को प्रसन्न कर सकते हैं।
अपने कर्मों पर दें ध्यान Shani Dev हो जाएंगे प्रसन्न
- शनिवार का व्रत रखें: शनिवार के दिन व्रत रखने से शनिदेव शीघ्र प्रसन्न होते हैं। इस दिन काले तिल, काले चने और गुड़ का सेवन या दान करना विशेष फलदायी माना जाता है।
- शनिदेव की पूजा विधि: शनिवार को प्रातः स्नान के बाद काले वस्त्र धारण करें। शनिदेव की मूर्ति या चित्र के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाएं और ॐ शं शनैश्चराय नमः मंत्र का 108 बार जाप करें।
- सरसों के तेल का दान: शनिवार के दिन किसी जरूरतमंद, मजदूर या शनि मंदिर में सरसों के तेल का दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इससे शनि दोष में कमी आती है।
Shani Dev को काला रंग है पसंद
- काले तिल और लोहे का दान: शनिदेव को काला रंग प्रिय है इसलिए शनिवार को काले वस्त्र पहनकर पूजा करें।
- पीपल के वृक्ष की पूजा: शनिवार की संध्या को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और सात परिक्रमा करें। यह उपाय शनि दोष को शांत करता है।
- हनुमान जी की उपासना: मान्यता है कि हनुमान जी की पूजा से शनिदेव का प्रकोप शांत होता है। शनिवार को हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ जरूर करें।
Shani Dev को प्रसन्न कैसे करें?
- कर्म सुधारें : शनिदेव कर्मों के अनुसार फल देते हैं। इसलिए सत्य, ईमानदारी, परिश्रम और दूसरों की सहायता करना सबसे बड़ा उपाय माना गया है। गरीब, बुजुर्ग और अपंग व्यक्तियों का सम्मान करें।
- गलत कार्यों से बचें: शनिदेव अनुशासन के देवता हैं, शराब, जुआ, झूठ और अनैतिक कार्यों से दूरी बनाकर रखने से शनि दोष कम होता है।
- शनि स्तोत्र और चालीसा का पाठ: नियमित रूप से शनि चालीसा, शनि स्तोत्र या दशरथ कृत शनि स्तोत्र का पाठ करने से मानसिक शांति और जीवन में स्थिरता आती है।
DISCLAIMER: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी चीज को अमल लाने के लिए किसी ज्योतिषी और किसी पंडित से अवश्य बातें करें।












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