Rishi Panchami 2025: ऋषि पंचमी आज, जानें शुभ मुहूर्त-पूजा विधि, कथा और क्या ना करें?
Rishi Panchami 2025: भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को ऋषि पंचमी व्रत मनाया जाता है। ये व्रत आत्मशुद्धि का प्रतीक है, मान्यता है कि इस दिन सप्त ऋषियों की पूजा करने से पापों का क्षय होता है और जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है। मालूम हो कि कश्यप, अत्रि, भारद्वाज, विश्वामित्र, गौतम, जमदग्नि, वशिष्ठ को सप्त ऋषि माना गया है, ये सभी ज्ञान के भंडार कहे जाते हैं,, कहते हैं कि इन सभी की उत्पत्ति ब्रह्मा जी के मस्तिष्क से हुई थी।
पूजा मुहूर्त (Rishi Panchami 2025 Muhurat)
आज सुबह 11 बजकर 5 मिनट से लेकर दोपहर 1 बजकर 28 मिनट तक।

ऋषि पंचमी पूजा विधि (Rishi Panchami 2025 Puja Vidhi)
- प्रातःकाल स्नान करके शुद्ध वस्त्र धारण करें।
- आंगन या मंदिर में गोबर से मंडप बनाकर कलश स्थापित करें।
- सप्त ऋषियों (कश्यप, अत्रि, भारद्वाज, विश्वामित्र, वशिष्ठ, जमदग्नि और गौतम) की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित करें।
- गंध, अक्षत, पुष्प, धूप, दीप से पूजन करें।
- व्रत कथा का पाठ करें।
- संध्या के समय ब्राह्मण या विद्वान को भोजन कराकर दक्षिणा दें और पारण करें।
ऋषि पंचमी व्रत कथा (Rishi Panchami 2025 vrat Katha)
प्राचीन काल में विदर्भ देश में उत्तक नामक एक ब्राह्मण रहते थे। उनकी पत्नी का नाम सुशीला था। उनके घर एक कन्या का जन्म हुआ। जब वह कन्या विवाह योग्य हुई तो उसका विवाह एक योग्य वर से कर दिया गया। किंतु विवाह के कुछ समय बाद पति का अकाल निधन हो गया। विधवा कन्या मायके लौट आई।एक दिन कन्या को पेट में अत्यधिक पीड़ा हुई। उसके माता-पिता ने ब्राह्मणों से उपाय पूछा। तब ज्ञानी ऋषियों ने बताया कि पूर्व जन्म में कन्या ने मासिक धर्म के समय शुद्धाचार का पालन नहीं किया था। उसी पाप का परिणाम उसे इस जन्म में भोगना पड़ा। उस पाप के प्रायश्चित हेतु कन्या को ऋषि पंचमी व्रत करने की सलाह दी गई। कन्या ने श्रद्धा पूर्वक व्रत किया और अपने पापों से मुक्त हुई। तभी से यह व्रत विशेष रूप से महिलाओं द्वारा किया जाता है।
ऋषि पंचमी व्रत का महत्व (Rishi Panchami 2025 Significance)
- इस व्रत से मासिक धर्म के समय हुए अज्ञानवश दोष नष्ट होते हैं।
- सप्त ऋषियों की कृपा से घर-परिवार में सुख-समृद्धि और शांति आती है।
- यह व्रत पितृ दोष भी दूर करता है।
Rishi Panchami 2025 पर क्या करें
- प्रातःकाल स्नान कर शुद्ध वस्त्र पहनें।
- सप्त ऋषियों का ध्यान और पूजन करें।
- व्रत कथा का पाठ अवश्य करें।
- व्रत में सात्विक भोजन करें।
Rishi Panchami 2025 पर क्या न करें
- मांस, मदिरा, प्याज-लहसुन का सेवन न करें।
- इस दिन किसी का अपमान न करें।
- मासिक धर्म वाली महिलाएँ पूजन में प्रत्यक्ष रूप से सम्मिलित न हों।
- क्रोध और झूठ बोलने से बचें।
Disclaimer: इस आलेख का मतलब किसी भी तरह का अंधविश्वास पैदा करना नहीं है। यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है इसलिए किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले कृपया किसी जानकार ज्योतिष या पंडित की राय जरूर लें।












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