Nag Panchami 2022: शिव-रवि योग में होगा नाग देवता का पूजन
नई दिल्ली, 02 अगस्त। श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी का दिन नाग देवता की पूजा का दिन होता है। आज पूरे देश में नाग पंचमी मनाई जा रही है और आज भगवान शिव की कृपा देने वाला शिव योग और सर्वकार्यो में सिद्धि देने वाला रवि योग भी है। इन दोनों ही शुभ योगों में नाग देवता का पूजन करने से न केवल भगवान शिव की कृपा प्राप्त होगी बल्कि नाग देवता का अनुग्रह भी प्राप्त होगा।

हिंदू सस्कृति के प्रारंभ से मनुष्य नागों का पूजन करता आया है। नाग हमारी संस्कृति का महत्वपूर्ण भाग हैं। इसीलिए वैदिक काल से लेकर आज तक नाग देवता का पूजन किया जाता है। इस बार नाग पंचमी दो विशिष्ट योगों में आ रही है। मंगलवार को शिव योग सायं 6.35 बजे तक रहेगा, जबकिरवि योग सायं 5.31 से प्रारंभ होगा। शिव योग में नाग देवता का पूजन करने से शिव के साथ नाग देवता की कृपा भी प्राप्त होती है। इस योग में नाग पूजन करने से मन का भय दूर होगा, जहरीले जीव-जंतुओं से रक्षा होती है और समस्त प्रकार की बाधाएं, कष्ट दूर होता है।
कैसे करें पूजन
- प्रात: स्नानादि से निवृत्त होकर अपने सामने एक चौकी स्थापित करें। इस पर श्वेत वस्त्र बिछाकर उस पर कांसे या तांबे का थाल रखें। उसमें अष्टगंध से नाग देवता का चित्र बनाएं। इसका पूर्ण विधि-विधान और समस्त पूजन सामग्रियों से पूजन करें। दूध का नैवद्य लगाएं। नागदेवता से परिवार के सुख-समृद्धि की कामना करें। इस दिन असली सर्प की पूजा का विधान भी है।
- शिव मंदिरों में जहां शिवलिंग पर नाग देवता का बिठाए होते हैं उनकी भी पूजा की जा सकती है। ऊं नम: शिवाय मंत्र का जाप करते हुए सर्प के ऊपर से दूध मिश्रित जल की धारा प्रवाहित करें।












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