Nag Panchami 2022: सर्प और विष योग से मुक्ति के लिए करें नाग पूजन
नई दिल्ली, 02 अगस्त। सर्प दोष और विष योग जन्मकुंडली में बनने वाले सबसे घातक योगों में से होते हैं। इन्हें योग और दोष दोनों ही कहा जाता है। जिन जातकों की कुंडली में सर्प दोष, नाग दोष या विष योग होता है उसके जीवन में अनेक प्रकार के कष्ट लगातार बने ही रहते हैं। वह सर्वत्र दुख ही पाता है। उसके कोई काम ठीक तरह से नहीं हो पाते हैं। वह हमेशा परेशानियों से घिरा रहता है। ऐसे जातक की मृत्यु भी बड़ी कष्टकारी होती है। इन दोषों से मुक्ति के लिए नाग पंचमी का दिन उत्तम होता है। इस दिन नाग पूजन करके इन दोषों से मुक्ति पाई जा सकती है।

क्या होता है विष योग
जन्मकुंडली में जब किसी भी स्थान में शनि और चंद्र की युति हो और उस पर राहु की दृष्टि हो तो विष योग बनता है। जिस कुंडली में विष योग होता है, वह जातक कई बार दुर्घटनाओं का शिकार होता है। उसे अपने ही लोगों द्वारा कष्ट प्राप्त होता है।
क्या होता है सर्प दोष
जब किसी जातक की जन्मकुंडली में लग्न स्थान में चंद्र या शुक्र के साथ राहु या केतु हो तो सर्प दोष बनता है। अर्थात् लग्न स्थान में चंद्र-राहु, चंद्र-केतु, शुक्र-राहु या शुक्र-केतु की युति हो तो सर्प दोष बनता है।
क्या उपाय करें
- सर्प दोष और विष योग से मुक्ति के लिए नाग देवता का विधिवत पूजन करें। महामृत्युंजय मंत्र के एक माला जाप करते हुए शिवजी का अभिषेक करें। इस दौरान एक पंचमुखी रुद्राक्ष भी पूजन में रखें और अनुष्ठान पूरा होने के बाद यह रुद्राक्ष धारण कर लें।
- गाय के कच्चे दूध में काले तिल डालकर शिवजी का अभिषेक करने से सर्प दोष से मुक्ति मिलती है। अभिषेक के दौरान शिव महिम्नस्तोत्र का पाठ चलता रहे।
- नाग पंचमी के दिन दृष्टिहीन लोगों को केसर युक्त दूध पिलाने से विष योग से मुक्ति मिलती है।












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