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Mahashivratri 2026 Rules : क्या सच में कुंवारी कन्याओं को नहीं छूना चाहिए शिवलिंग? क्या ऐसा करना अशुभ है?

Mahashivratri 2026 Rules Updates: फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है, आज ये पावन दिन आया है। इस दिन सभी भक्तगण शिवलिंग की पूजा करते हैं। कुंवारी कन्याएं सुयोग्यवर के लिए इस दिन उपवास रखती हैं लेकिन उन्हें शिवलिंग को छूने से रोका जाता है।

बहुत जगह तो मंदिरों में उन्हें जल चढ़ाने भी नहीं दिया जाता है। कहा जाता है कि कन्याओं के स्पर्श से माता पार्वती की नाराज हो जाती हैं , जिसस अशुभ घटनाएं घटती हैं, इसलिए कुंवारी कन्याओं को छूने से बचने की सलाह दी जाती है।

Mahashivratri 2026

ऐसे में सवाल ये उठता है कि जब अविवाहित महिलाएं शिव के लिए उपवास कर सकती हैं तो फिर शिवलिंग से उन्हें दूर रहने के लिए क्यों कहा जाता है? क्या ये नियम शास्त्रों में लिखा है या सिर्फ एक लोक-मान्यता है?

Shivling सृष्टि की उत्पत्ति का प्रतीक

आपको बता दें कि शास्त्रों में शिवलिंग सृष्टि की उत्पत्ति का प्रतीक है और ये शिव और शक्ति (पुरुष और प्रकृति) के संतुलन का मानक भी है इसलिए इसे पुरुषत्व के प्रतीक के रूप में देखना गलत है। वेद, पुराण और शिवागम ग्रंथों में कहीं भी इस बात का वर्णन नहीं है कि अविवाहित स्त्रियां शिवलिंग को नहीं छू सकतीं हैं या या उनका स्पर्श अशुभ होता है।

Mahashivratri 2026

जैविक प्रतीक कहकर भ्रम पैदा किया (Mahashivratri 2026)

कुछ लोगों ने शिवलिंग को केवल जैविक प्रतीक मानकर यह भ्रम फैला दिया, जबकि यह आध्यात्मिक रूप से बिल्कुल गलत बात है इसलिए कुंवारी कन्याओं को इस तरह की बातों के जरिए शिवलिंग से दूर रखना उनके साथ अन्याय की तरह है।

Mahashivratri 2026: शिवलिंग छूने से रोकने का कोई शास्त्रीय आधार नहीं

माता पार्वती ने खुद अविवाहित होते हुए घोर तप कर शिव को पति रूप में प्राप्त किया। ऐसे में अविवाहित लड़कियों का शिव पूजा करना कैसे गलत हो सकता है? दरअसल अविवाहित लड़कियों को शिवलिंग छूने से रोकने का कोई शास्त्रीय आधार नहीं है, यह केवल एक सामाजिक भ्रांति है।

Mahashivratri 2026

कैसे करें Mahashivratri 2026 की पूजा?

सबसे पहले स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें, इसके बाद उपवास का संकल्प लें। पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ शुद्ध मन से शिवलिंग का जलाभिषेक कीजिए, जल में दूध, बेलपत्र, फूल और अक्षत को मिला सकती हैं। शिव अपने हर भक्त पर कृपा बरसाते हैं, उनके लिए सभी भक्त बराबर हैं वो कभी भी अविवाहित और विवाहित में अंतर नहीं कर सकते हैं।

DISCLAIMER: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी चीज को अमल लाने के लिए किसी ज्योतिषी और किसी पंडित से अवश्य बातें करें।

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