Mahashivratri 2024 Puja: महाशिवरात्रि पर प्रदोष, शिव योग और सर्वार्थसिद्धि का संयोग, 49 मिनट रहेगा पूजन का समय
Mahashivratri 2024 Puja: भगवान शिव की आराधना का प्रमुख दिन महाशिवरात्रि इस बार अनेक विशिष्ट योग-संयोग में आ रही है। इस बार महाशिवरात्रि 8 मार्च 2024 को है। इस दिन प्रदोष व्रत भी किया जाएगा। साथ ही शिव की कृपा दिलाने वाला स्वयं शिव योग और सभी कार्यों को सिद्ध करने वाला सर्वार्थसिद्धि योग भी है।

इस दिन मां लक्ष्मी का दिन शुक्रवार होने से यह शिवरात्रि अतुल संपदा, धन, लक्ष्मी की प्राप्ति करवाने के लिए महत्वपूर्ण है।महाशिवरात्रि के दिन रात्रि 9:57 तक त्रयोदशी रहने से प्रदोष व्रत रहेगा, उसके बाद चतुर्दशी लग जाएगी जो अगले दिन सायं 6:17 तक रहेगी।
इस दिन शिव का प्रिय श्रवण नक्षत्र भी रहेगा और शिव योग रात्रि 12:44 तक रहेगा। साथ ही सर्वार्थसिद्ध योग भी रहेगा जो प्रात: 6:46 से प्रारंभ हो जाएगा। इस दिन शुक्रवार भी है। इस दिन सूर्य और चंद्र दोनों शनि की राशि कुंभ में रहेंगे। इसलिए यह दिन शनि की कृपा पाने का भी विशेष दिन रहेगा। इस दिन महाशिवरात्रि का पूजन मध्यरात्रि निशिथकाल में 12 बजकर 13 मिनट से 1 बजकर 2 मिनट तक किया जाएगा। पूजन के लिए 49 मिनट का समय मिलेगा।
शिव योग का फल
महाशिवरात्रि के दिन शिव योग रहेगा। इस दिन शिव योग मध्यरात्रि के बाद 12:44 तक रहेगा और इसी समय निशिथकाल भी रहेगा जिसमें शिव पूजन किया जाएगा। शिव योग में महाशिवरात्रि का पूजन करने से मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती है। इस योग में शिव पूजन करने से जन्मकुंडली के कालसर्प दोष, नाग दोष, पितृ दोष का निवारण होगा।
शनि की राशि में सूर्य-चंद्र का फल
इस महाशिवरात्रि के दिन सूर्य और चंद्र दोनों शनि की राशि कुंभ में गोचर करेंगे। और स्वयं राशि स्वामी शनि भी कुंभ में ही है इसलिए यह विशेष संयोग है। इसमें शिवजी का विभिन्न द्रव्यों से अभिषेक करने से शनि की पीड़ा से मुक्ति से मिलेगी। वर्तमान में शनि की साढ़ेसाती मकर, कुंभ और मीन राशि पर चल रही है। इसलिए इन तीनों राशि वाले लोग शिवजी का अभिषेक पंचामृत से अवश्य करें।
शुक्रवार का संयोग
इस बार महाशिवरात्रि शुक्रवार के दिन आ रही है। शुक्रवार मां लक्ष्मी का दिन है। इसलिए यदि आप धन संपत्ति की कामना रखते हैं तो शिवजी का अभिषेक केसर इलायची के दूध से करें। इस दिन शिवजी को शुद्ध ताजे जल में गुलाब जल और गुलाब का इत्र डालकर अभिषेक करने से लक्ष्मी की प्राप्ति होगी। शिवजी को गुलाब का फूल भी अवश्य चढ़ाएं।












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