Kartik Purnima 2023: कार्तिक पूर्णिमा पर क्या दान करें? क्या है पूजा विधि?
Kartik Purnima 2023: 27 नवंबर 2023 को कार्तिक पूर्णिमा अनेक शुभ योग-संयोग में आ रही है। कार्तिक पूर्णिमा को सोमवार होने से सोमवती पूर्णिमा का योग बना है। इसके अलावा इस दिन शिव योग कृतिका नक्षत्र भी है और सर्वार्थसिद्धि योग भी बना हुआ है। इसलिए यह दिन अत्यंत विशेष हो गया है।

इस दिन पूजन, दान-दक्षिणा, ब्राह्मण भोजन, पवित्र नदियों में स्नानादि करने से अनेक यज्ञों का पुण्य फल प्राप्त होता है। कार्तिक पूर्णिमा के दिन विगत एक मास से जारी कार्तिक स्नान भी पूर्ण हो जाता है। इस दिन कृतिका नक्षत्र दोपकर 1:36 बजे तक रहेगा। शिव योग रात्रि 11:37 तक और सर्वार्थसिद्धि योग दोपहर 1:37 से दूसरे दिन प्रात: 6:51 तक रहेगा। कार्तिक पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु क मत्स्यावतार हुआ था, इसलिए भगवान विष्णु के मत्स्य स्वरूप का पूजन किया जाता है।
कैसे करें कार्तिक पूर्णिमा पूजन
कार्तिक पूर्णिमा के दिन सूर्योदय पूर्व जागकर पवित्र नदी, सरोवर आदि में स्नानादि से निवृत होकर सूर्यदेव को अर्घ्य दें। घर के मुख्य द्वार पर आम के पत्तों की वंदनवार सजाएं। साफ-स्वच्छ वस्त्र पहनकर पूजा स्थान में देव पूजन करें। देव पूजा में छह कृतिकाओं का पूजन किया जाता है। ये कृतिकाएं हैं शिवा, संभूति, संतति, प्रीति, क्षमा और अनुसुईया। इसके बाद भगवान विष्णु का पूजन करें। दिनभर व्रत रखें।
कार्तिक पूर्णिमा पर क्या दान करें
- कार्तिक पूर्णिमा पर दान दक्षिणा देने का अत्यंत महत्व है। यथाशक्ति ब्राह्मणों को भोजन करवाकर दान-दक्षिणा दें और उनका आशीर्वाद प्राप्त करें।
- इस दिन बैल का दान करने से शिवजी अत्यंत प्रसन्न होते हैं औन उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है।
- पूर्णिमा के दिन चांदी के आभूषण, श्वेत वस्त्र, चावल, चंदन का दान करने से लक्ष्मी की प्राप्ति होती है।
- देसी घी का दान करने से श्रीहरि विष्णु की कृपा प्राप्त होती है।
- कार्तिक पूर्णिमा पर किसी गरीब बच्चे के दूध, दही का दान दें, इससे परिवार में समृद्धि आती है।
- कार्तिक पूर्णिमा पर श्रीहरि विष्णु का पीले पुष्पों से श्रृंगार करें और पीतांबर पहनाएं। कृपा प्राप्त होगी।
- कार्तिक पूर्णिमा के चंद्र का दर्शन करके पूजन करना चाहिए।












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