Jitiya Vrat 2023: जितिया व्रत के बाद क्यों खाते हैं नोनी साग? कब है पारण टाइम?
Jitiya Vrat 2023: पुत्र की लंबी उम्र और तरक्की के लिए रखा जाने वाला जितिया व्रत 2023 आज है। ये व्रत काफी कठिन है क्योंकि इसमें माताएं 24 घंटे का निर्जला उपवास रखती हैं। आज से शुरू होकर ये उपवास 7 अक्टूबर को समाप्त होगा तो वहीं इस व्रत का पारण टाइम 8 अक्टूबर को सुबह 7 बजे के बाद है।

इस व्रत के पारण में कुछ विशेष तरह की सब्जियों का प्रयोग किया जाता है। जिसका एक खास मकसद है। दरअसल इस व्रत के पारण में वो साग-पत्तियां खाई जाती हैं, जो आसानी से मिल जाती हैं और जिन्हें उगाने में कोई खास मेहनत नहीं करनी पड़ती है।
हर परस्थिति में का सामना आसानी से कर ले..
दरअसल माताएं जितिया माता से प्रार्थना करती हैं कि 'उनका बच्चा भी इन साग-सब्जी की तरह हर परस्थिति का सामना आसानी से कर ले और जरा भी परेशान ना हो।'
जितिया व्रत के बाद क्यों खाते हैं 'नोनी साग'?
इस व्रत में 'नोनी साग' का विशेष रूप से सेवन होता है। जो खाने में पाच्य होती है और काफी शक्तिवर्धक होती है। इसमें एंटी बैक्टीरियल, एंटी फंगल गुण होता है। दरअसल लगातार निर्जला उपवास रहने पर शरीर कमजोर हो जाता है।
'नोनी साग' खाने में टेस्टी होता है
ऐसे में पारण करने पर अगर आप हैवी फूड खाएंगे तो ये आपको नुकसान पहुंचा सकता है इसलिए 'नोनी साग' का प्रयोग किया जाता है, जो कि शरीर के लिए अच्छा होता है और खाने में टेस्टी भी होता है और सबसे बड़ी बात बहुत जल्दी बन भी जाता है। नोनी साग के अलावा माताएं पारण में अरवी, तोरई , खीरा, मंडुआ और देसी मटर भी खाती हैं।
पारण से पहले जरूर करें इन मंत्रों का जाप
- कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारम्।सदा बसन्तं हृदयारबिन्दे भबं भवानीसहितं नमामि।।
- वसुदेवसुतं देवं कंसचाणूरमर्दनम् । देवकी परमानन्दं कृष्णं वन्दे जगद्गुरुम् ।।
जितिया व्रत ओठगन का समय
- ओठगन टाइम-6 अक्टूबर को सुबह 4 बजकर 30 मिनट तक ( इससे पहले ही व्रती को कुछ खा लेना है)
- अष्टमी तिथि शुरु- 6 अक्टूबर को 8 बजकर 32 मिनट
- अष्टमी तिथिखत्म- 7 अक्टूबर को रात 10 बजकर 31 मिनट
- पारण का समय- 8 अक्टूबर को सुबह 7 बजे के बाद












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