Ganesha Chaturthi 2022 :जानिए श्रीगणेश की पार्थिव मूर्तियों के पूजन का महत्व
नई दिल्ली, 29 अगस्त। प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश की मिट्टी की मूर्तियों अर्थात् पार्थिव मूर्तियों के पूजन का शास्त्रों में बड़ा महत्व बताया गया है। श्रीगणेश की मात्र एक नहीं, वरन एक लाख मूर्तियों तक के पूजन का निर्देश शास्त्र देते हैं। अपनी विभिन्न कामनाओं की पूर्ति के लिए मूर्तियों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। गणेशपुराण में पार्वती को पिता हिमवान ने गणेश पार्थिव मूर्ति के पूजन का महत्व बताया था।

- मिट्टी की गणेशजी की एक मूर्ति का पूजन करने से स्त्री और पुरुष उसके द्वारा चाहे गए धन, पुत्र, गौ, पशु आदि प्राप्त होते हैं।
- दो मूर्तियों का पूजन करने से मनुष्य असाध्य वस्तुओं को भी साध लेता है।
- तीन मूर्तियों का पूजन करने से राज्य, रत्न, संपत्ति, समस्त सुख प्राप्त होते हैं।
- चार मूर्तियों का नित्य पूजन करने से धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष को प्राप्त करता है।
- पांच मूर्तियों का पूजन करने से मनुष्य संपूर्ण भूमंडल पर अपना साम्राज्य स्थापित करता है।
- छह मूर्तियों का पूजन करने से सृजन, पालन, संहार करने में समर्थ हो जाता है।
- सात, आठ, नौ मूर्तियों का पूजन करने से वह सर्वविद अर्थात सब कुछ जानने वाला हो जाता है। उसे भूत, भविष्य, वर्तमान सभी कुछ ज्ञात हो जाता है।
- दस गणेश मूर्तियों का पूजन करने से तैंतीस कोटि देवताओं, अग्नि, इंद्र, शिव, विष्णु कृपा प्रदान करते हैं।
- एकादश मूर्तियों के पूजन से एकादश रुद्रों का आधिपत्य प्राप्त हो जाता है।
- द्वादश मूर्तियों का पूजन करने से द्वादश आदित्यों पर आधिपत्य प्राप्त कर लेता है।
- 108 मूर्तियों के पूजन से संसार की कोई वस्तु नहीं जो वह प्राप्त न कर सके। अर्थात् वह जो चाहे प्राप्त कर सकता है।
- एक लाख मूर्तियों का प्रतिदिन पूजन करने से साधक महामुक्ति को प्राप्त कर लेता है।












Click it and Unblock the Notifications