Ganesh Visarjan Havan Mantra : भगवान गणेश के विसर्जन से पूर्व किए जाने वाले हवन यज्ञ की पूजा विधि और मंत्र
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नई दिल्ली, 18 सितंबर: प्रथम पूज्य देवता श्रीगणेश जी की स्थापना जितनी खुशी के साथ भक्त गणेश चतुर्थी पर घर-घर करते हैं, उसी ही खुशी और हर्षोल्लास अपने देवता का विसर्जन करते क्षण भी रहती हैं। हालांकि बप्पा के घर से जाने का यह पल थोड़ा भावुक होता है, लेकिन फिर से अगले साल उनके घर पर आने की इंतजार भी शुरू हो जाता है। ऐसे में भक्त नाचते गाते बप्पा को अगले बरस फिर आने के लिए कहते हुए विसर्जित करते हैं। वैसे तो भक्त अपनी कामना के मुताबिक 7 या फिर 9वें बप्पा का विसर्जन कर देते हैं, लेकिन बप्पा का विसर्जन गणेश उत्सव के पूरे होने पर ही करना चाहिए। इन सब के बीच जो सबस अहम है, जो है भगवान गणेश के हवन यज्ञ की पूजा विधि और मंत्र, जो भक्त गणेश विसर्जन से पहले करते हैं।

अन्नत चौदस के दिन गणेश जी का विसर्जन
भगवान श्रीगणेश विघ्नहर्ता हैं, बप्पा अपने भक्तों के सारे संकट हर लेते हैं और उन्हें जीवन में सुख-शांति और समृद्धि देते हैं। ऐसे में भक्त भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी पर बप्पा की घरों में स्थापना करते हैं और अनंत चौदस (चतुर्दशी) के दिन गणेश जी का विसर्जन किया जाता है। हालांकि विर्जन में अभी एक दिन बाकी हैं। भगवान की जैसे शुभ मुहूर्त में स्थापना की जाती है, उसी तरह शुभ मुहूर्त के मुताबिक विदाई भी होती है। ऐसे में गणेश विसर्जन 19 सितंबर को किया जाएगा।
गणेश विसर्जन के मंत्र
- ओम वक्रतुंडाय हुम्
- ओम श्रीं गं सौभ्याय गणपतये वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा
- ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो बुदि्ध प्रचोदयात
- ओम गं गणपतये नमः
गणेश विसर्जन के 5 शुभ मुहूर्त
पंचाग के मुताबिक विसर्जन के 5 शुभ मुहूर्त हैं। जिसके तहत गणेश जी का विसर्जन पानी में होता है। फिर चाहे वो कोई नदी, तालाब हो या फिर घर में किसी कुंड हो। इस बार गणपति विसर्जन रविवार (19 सितंबर) को है, ऐसे में इस दिन धृति योग बन रहा है। इसके अलावा दिशा शूल पश्चिम में रहेगा।
जानिए बप्पा के विसर्जन के शुभ मुहूर्त
किसी भी शुभ काम को शुभ मुहूर्त के मुताबिक ही किया जाता है तो उसका फल सैदव अच्छा मिलवता है। इस बार गणेश विसर्जन का शुभ मुहूर्त सुबह 09:11 से दोपहर 12:21 बजे तक है। इसके बाद दोपहर 01:56 से 03:32 तक शुभ मुहूर्त में विसर्जन किया जा सकता है। वहीं, अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:50 से 12:39 तक रहेगा। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:35 से 05:23 तक और अमृत काल रात 08:14 से 09:50 तक है। यहां याद रखने वाली जो सबसे अहम बात है, वो यह है कि भूलकर भी इस दिन शाम 04:30 से 6 बजे तक विसर्जन ना करें, इस दौरान राहुकाल रहेगा।
बप्पा विसर्जन की पूजा विधि
जिस तरह से पूरे गणेश उत्सव के दौरान विधि पूर्वक पूजा की जाती है, उसी तरह से गणपति बप्पा का विसर्जन भी पूरे विधि-विधान से करना आवश्यक होता है। इसलिए विसर्जन से पहले गणेश जी को नए वस्त्र पहनाएं। फिर पूजा अर्चना के दौरान रेशमी कपड़े में मोदक, पैसा, दूर्वा घास और सुपारी बांधकर उस पोटली को बप्पा के साथ में रखें। इसके बाद गणेश जी की आरती करें और अपनी भूल की क्षमा याचिका लगाए। इसके बाद गणेश जी का मंत्र बोलते हुए प्रतिमा को जल में विसर्जित करें।












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