गणेश चतुर्थी पर इस शहर में प्लास्टर ऑफ पेरिस की मूर्तियों पर लगा प्रतिबंध
Ganesh Chaturthi 2023: गणेश चतुर्थी के पावन पर्व की तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो चुकी है। बाजारों में गणपति बप्पा की मूर्तियां सजने लगी हैं। इस सबके बीच कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरू में बृहद बेंगलुरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) ने प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) से बनी मूर्तियों की बिक्री और निर्माण पर सख्त प्रतिबंध लगा दिया है। इतना ही नहीं नियमों का उल्लंघन करने पर निर्माताओं पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।

इसके अलावा त्योहार के दौरान शहर भर में बैनर और फ्लेक्स पर भी सख्त प्रतिबंध लगा दिया। याद रहे बेंगलुरु में अनधिकृत फ्लेक्स, बैनर और होर्डिंग्स पर पहले से ही प्रतिबंध है।
बैठक के बाद बीबीएमपी ने जारी किया ये आदेश
बीबीएमपी प्रमुख तुषार गिरिनाथ ने बेंगलुरु इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कंपनी लिमिटेड (बीईएससीओएम) और बेंगलुरु वाटर सप्लाई एंड सीवेज बोर्ड (बीडब्ल्यूएसएसबी) के अधिकारियों के साथ बैठक की। जिसके बाद ये ऐलान किया गया।
पीओपी से बनी मूर्तियों पर सख्त प्रतिबंध
मालूम हो कि कर्नाटक में गणेश चतुर्थी का पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया जाता। राजधानी बेंगलुरू में भी जगह-जगह गणेश जी बड़ी-बड़ी मूर्तियां स्थापित की जाएंगी। इन पंडालों में भी प्लास्टर ऑफ पेरिस से बनी मूर्तियां रखने की अनुमति नहीं होगी।
बीबीएमपी ने दिए ये निर्देश
बीबीएमपी ने इसके साथ विभिन्न स्थानों पर मूर्तियां स्थापित की जाएगी उससे सड़कों पर कोई अवरोध ना उसका खास ख्याल रखने का आदेश आयोजकों को दिया गया है। बीबीएमपी ने कहा सड़कों उत्सव मनाएं लेकिन इससे किसी को परेशानी नहीं होनी चाहिए।
क्यों लगाया गया है ये प्रतिबंध
बीबीएमपी ने कहा गणेश चतुर्थी का पर्व पर्यावरण के अनुकूल तरीके से हो ये सुनिश्चित करने के लिए ये आदेश दिया गया है। इसके साथ ही बीबीएमपी ने कहा यदि उत्सव दिशानिर्देशों का उल्लंघन करता है तो कार्रवाई की जाएगी।
छोटी मूर्तियों के विसर्जन के लिए किए गया है ये इंतजाम
इसके अतिरिक्त बीबीएमपी ने गणेश चतुर्थी के बाद मुर्तियों के विसर्जन के दौरान सुचारु व्यवस्था के लिए अन्य विभागों को भी निर्देश जारी किए हैं। बीबीएमपी अधिकारी ने बताया कि घरों में स्थापित की गई छोटी मूर्तियों के विजर्सन के लिए मोबाइल टैंक की व्यवस्था की जाएंगी।
बड़ी मूर्तियों के विसर्जन के लिए क्या है इंतजाम?
वहीं बड़ी मूर्तियों का विसर्जन सैंके झील, हलासुरू झील, येदियुर झील, अगरा झील और हेब्बल झील में किया जाएगा। मूर्ति विसर्जन के समय निकाली जाने वाली यात्रा के लिए उक्त झीलों पर विशेष व्यवस्था की जाएगी। नागरिक निकाय ने कहा, सार्वजनिक रूप से पटाखे फोड़ना भी सख्ती से प्रतिबंधित है।












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