Ekadashi Kab hai: कामिका एकादशी आज, जानिए मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व
Ekadashi Kab hai: श्रावण मास के कृष्ण पक्ष में आने वाली एकादशी को कामिका एकादशी कहा जाता है। आज ये पावन दिन आया है, आपको बता दें कि आज वृद्धि योग और रोहिणी नक्षत्र भी है। इस संयोग में आने वाली एकादशी सुखकारी होती है। इस एकादशी का व्रत करने वाले मनुष्यों को समस्त प्रकार के सुखों का भोग करने का अवसर मिलता है।
शास्त्रों में कहा गया है कामिका एकादशी का व्रत अविवाहित युवक-युवतियों को अवश्य करना चाहिए। इससे उनका विवाह शीघ्र हो जाता है। यह एकादशी अनजाने में हो गए ब्रह्म हत्या जैसे पापों से भी मुक्ति दिला देती है। कामिका एकादशी के दिन भगवान लक्ष्मीनारायण को गोदुग्ध का भोग लगाया जाता है।

21 जुलाई को एकादशी तिथि प्रात: 9 बजकर 38 मिनट तक ही रहेगी। चूंकि सूर्योदय के समय एकादशी तिथि रहेगी इसलिए व्रत इसी दिन किया जाएगा। इस दिन रोहिणी नक्षत्र सूर्योदय से लेकर रात्रि 9:07 बजे तक रहेगा। वृद्धि योग सायं 6:38 तक रहेगा।
बड़ी एकादशी है कामिका एकादशी (Ekadashi)
वैसे तो प्रत्येक एकादशी का अपना बड़ा महत्व है लेकिन शास्त्रों में वर्ष की चार एकादशियों को बड़ी एकादशी में गिना गया है। ये हैं निर्जला एकादशी, मोक्षदा एकादशी, कामिका एकादशी और देवोत्थान एकादशी।
क्या करें कामिका एकादशी के दिन (Ekadashi)
- कामिका एकादशी के दिन शीघ्र विवाह के दिन अविवाहित युवक युवतियों को भगवान लक्ष्मीनारायण की मूर्ति का केसर के दूध से अभिषेक कर उन्हें पीतांबर, पीले वस्त्र धारण करवाएं और पीले पुष्पों से श्रृंगार करें। इसके बाद देसी गाय के दूध से बने घी का भोग लगाएं। विवाह की बाधा दूर होगी और शीघ्र ही विवाह प्रस्ताव आएगा। इस दिन स्वयं भी पीले वस्त्र धारण करें।
- कामिका एकादशी के दिन केले के पेड़ के तने में हल्दी का जल चढ़ाएं और केले के पेड़ का पूजन करें। जड़ में थोड़ी सी पीली मिठाई रखें।
- कामिका एकादशी के दिन एक पीले कपड़े पर लाल चंदन से चतुर्भुज बनाएं, इसके अंदर तीन वृत्त बनाएं और उसके अंदर 11 बार श्रीं लिखें। इस कपड़े का पूजन करें और श्रीसूक्त के 11 जाप करके इस कपड़े को अपने धन रखने के स्थान पर रखेंगे तो आर्थिक संकट दूर होगा और धन आने के मार्ग खुलेंगे।
- कामिका एकादशी के दिन मां लक्ष्मी का पूजन लाल कमल के पुष्पों या गुलाब के पुष्पों से करें। पांच पीली कौड़ी और पांच गोमती चक्र का केसर से पूजन करें और इन्हें धूप, दीप दिखाकर अपनी तिजोरी में रखें।
कामिका एकादशी समय (Ekadashi)
- एकादशी प्रारंभ : 20 जुलाई दोपहर 12:12
- एकादशी पूर्ण : 21 जुलाई प्रात: 9:38
- व्रत का पारण : 22 जुलाई प्रात: 5:54 से 7:05












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