Diwali 2023: रमा एकादशी से भाई दूज तक, जानिए हर डेट, जानिए क्यों हुआ कन्फ्यूजन?
Diwali 2023: कार्तिक मास में 9 नवंबर 2023 रमा एकादशी से 15 नवंबर भाई दूज तक दीपोत्सव मनाया जाएगा। इस सप्त दिवसीय पर्व में रमा एकादशी, गोवत्स द्वादशी, धन तेरस, रूप चौदस, दीपावली, गोवर्धन पूजा और भाईदूज आते हैं। इस बार तिथियों का दिन परिवर्तन होने के कारण ये सभी पर्व भी मिलेजुले मनाए जाएंगे।

रमा एकादशी : रमा एकादशी 9 नवंबर को की जाएगी। इस दिन एकादशी प्रात: 10:41 बजे तक रहेगी उसके बाद गोवत्स द्वादशी लग जाएगी। रमा एकादशी के दिन भगवान नारायण का पूजन कर उन्हें नैवेद्य स्वरूप केला अर्पित किया जाता है। इस एकादशी का व्रत समस्त संकटों का निवारण करने वाला होता है।
गोवत्स द्वादशी : गोवत्स द्वादशी का व्रत संतान की लंबी उम्र के लिए किया जाता है। यह व्रत भी 9 नवंबर को ही किया जाएगा क्योंकि इस दिन गाय बछड़े का पूजन सायंकाल में किया जाता है और सायंकाल में द्वादशी तिथि 9 नवंबर को ही मिल रही है।
धन तेरस : 10 नवंबर को त्रयोदशी तिथि दोपहर 1:57 बजे तक रहेगी। इस दिन प्रदोष व्रत भी किया जाएगा, धन तेरस भी मनाई जाएगी और यम की प्रसन्नता के लिए सायंकाल में दीपदान भी किया जाएगा।
नरक चतुर्दशी : 11 नवंबर को आयुर्वेद के जनक भगवान धनवंतरि का पूजन किया जाएगा और नरक चतुर्दशी या रूप चतुर्दशी मनाई जाएगी।
दीपावली : चूंकि दीपावली का पूजन कार्तिक अमावस्या की रात्रि में किया जाता है और अमावस्या तिथि 12 नवंबर को दोपहर 2 बजकर 44 मिनट से प्रारंभ हो जाएगी। इसलिए दीपावली का पूजन 12 नवंबर को ही किया जाएगा। इसी तरह 13 नवंबर को अमावस्या दोपहर 2:56 तक रहेगी इसलिए इस दिन सोमवती अमावस्या का पुण्यफल मिलेगा।
गोवर्धन पूजा : अन्नकूट महोत्सव और गोवर्धन पूजा 14 नवंबर को किया जाएगा। इस दिन प्रतिपदा तिथि दोपहर 2 बजकर 35 मिनट तक रहेगी। इस दिन सभी प्रकार के शाक को मिलाकर भगवान को नैवेद्य लगाया जाता है। पशुओं की सजावट कर उनका पूजन किया जाता है। गोवर्धन पर्वत बनाकर उनकी पूजा की जाती है।
भाईदूज : यम द्वितीया, भाईदूज 15 नवंबर को मनाई जाएगी। इस दिन बहनें अपने भाईयों को भोजन करवाकर उन्हें तिलक लगाती हैं और उनकी आयु-आरोग्यता की कामना करती हैं।












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