Dhanteras 2021: जानिए धनतेरस की पूजा सामग्री-विधि और इस दिन क्या करें और क्या ना करें
नई दिल्ली, 01 नवंबर। धनतेरस 2 नवंबर को है। विक्रम संवत पंचांग के अनुसार कार्तिक माह में कृष्णपक्ष के तेरहवें दिन धनतेरस मनाया जाता है। इस दिन भगवान धनवंतरि की आराधना की जाती है। भगवान धनवंतरि आयुर्वेद के जनक भी हैं इनकी पूजा करने से इंसान रोगमुक्त भी होता है। इस दिन लोग सोना-चांदी, वाहन, बर्तन की खरीददारी करते हैं।
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आवश्यक पूजा सामग्री
- एक मिट्टी का दीया
- आटे के आटे से बनाया गया एक दीया, जिसमें 4 बत्ती होती है
- तेल/घी, बत्ती का माचिस
- रोली, चंदन
- खील और बताशा
- धूप और धूपदान
पूजा विधि
इस दिन मां लक्ष्मी, भगवान धनवंतरि और कुबेर की पूजा की जाती है। मां लक्ष्मी और कुबेर का रोली से टीका कीजिए। आप इस दिन जो भी चीजें खरीद कर लाए हैं उसकी पूजा कीजिए और श्रद्दा के साथ मां लक्ष्मी और कुबेर की अराधना करनी चाहिए। फिर इनकी आरती करना चाहिए और इसके बाद यमराज को प्रसन्न करने लिए दीया जलाइए और उसके बाद आप उस दीपक को अपने घर के बाहर मेनडोर यानी की मुख्यद्वार पर रख दीजिए। ऐसा माना जाता है कि ऐसा करने से यमराज जी प्रसन्न होते हैं और अकाल-मृत्यु दोष नष्ट होता है। लोग आटे का दीया बनाकर उसमें बत्ती जलाकर घर के आंगन या बालकनी में जलाते हैं, ऐसा कहा जाता है कि मां लक्ष्मी ऐसा करने से खुश होती हैं।
ये ना खरीदें
- धनतेरस के दिन कांच का सामान नहीं खरीदना चाहिए क्योकि यह भंगुर होता है।
- नुकीली चीजें जैसे कि कैंची, चाकू आदि को भी ना खरीदें।
- काला वस्त्र पहनकर पूजा ना करें।
ये खरीदें
बर्तनों के अलावा इस दिन कौड़ी और धनिया के बीज खरीदना भी शुभ होता है। ये भी सुख-शांति और समृद्धि के मानक हैं।












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