Dhanteras 2023 Date and Time: आज है धनतेरस, क्या है पूजा का शुभ मुहूर्त? जानिए मंत्र और आरती
Dhanteras 2023 Date and Time: 'दीपो' के त्योहार दीवाली की शुरुआत 'धनतेरस' से होती है। मालूम हो कि दिवाली पांच दिनों का पर्व है। ये पांच दिन हैं धनतेरस, छोटी दिवाली , बड़ी दीपावली, गोवर्धन पूजा और भाई-दूज । आपको बता दें कि कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन धनतेरस का पर्व मनाया जाता है, इस दिन सोना-चांदी और बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है।

तो वहीं इसी दिन धनवंतरि की जयंती मनाई जाती है। इसलिए इस दिन भगवान धनवंतरि का पूजन विशेष रूप से होता है। आज धनतेरस का शुभ दिन है। इस दिन लोग धन के देवता कुबेर और धन की देवी मां लक्ष्मी की पूजा करते हैं।
धनतेरस का शुभ मुहूर्त
- त्रयोदशी तिथि का प्रारंभ - 10 नवंबर को 12: 35 PM
- त्रयोदशी तिथि का अंत- 11 नवंबर को 1: 57 PM
धनेरस का पर्व प्रदोष काल में मनाया जाता है इसलिए ये 10 नवंबर को त्योहार मनाया जाएगा।
धनतेरस पूजा का शुभ मुहूर्त
10 नवंबर को 5:47 PM से 7:47 PM
धनतेरस मंत्र
- ॐ धन्वंतराये नमः॥
- ॐ नमो भगवते महासुदर्शनाय वासुदेवाय धन्वंतराये:
- अमृतकलश हस्ताय सर्व भयविनाशाय सर्व रोगनिवारणाय
आरती
- जय धन्वंतरि देवा, जय धन्वंतरि जी देवा। जरा-रोग से पीड़ित, जन-जन सुख देवा।।जय धन्वं.।।
- तुम समुद्र से निकले, अमृत कलश लिए। देवासुर के संकट आकर दूर किए।।जय धन्वं.।।
- आयुर्वेद बनाया, जग में फैलाया। सदा स्वस्थ रहने का, साधन बतलाया।।जय धन्वं.।।
- भुजा चार अति सुंदर, शंख सुधा धारी। आयुर्वेद वनस्पति से शोभा भारी।।जय धन्वं.।।
- तुम को जो नित ध्यावे, रोग नहीं आवे। असाध्य रोग भी उसका, निश्चय मिट जावे।।जय धन्वं.।।
- हाथ जोड़कर प्रभुजी, दास खड़ा तेरा। वैद्य-समाज तुम्हारे चरणों का घेरा।।जय धन्वं.।।
- धन्वंतरिजी की आरती जो कोई नर गावे। रोग-शोक न आए, सुख-समृद्धि पावे।।जय धन्वं.।।
डिसक्लेमर- यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है इसलिए किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले कृपया किसी जानकार ज्योतिष या पंडित की राय जरूर लें।












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