Chaitra Navratri 2025: कैसे करें कलश स्थापना? क्या है शुभ मुहूर्त? जानिए यहां
Chaitra Navratri 2025 and Kalash Sthapana ::चैत्र नवरात्रि का आज पहला दिन है, इस बार नवरात्रि पूरे आठ दिन की है। नवरात्रि में मां दुर्गा के 9 रूपों की पूजा की जाती है। आज के दिन लोग उपवास रखते हैं, कुछ भक्तगण तो पूरे नौ दिन व्रत रखते हैं तो और कुछ लोग केवल चढ़ती-उतरती यानी कि पहले और आखिरी दिन का उपवास करते हैं।
उत्तर भारत में तो नवरात्रि केदिन कलश स्थापना करते हैं, जो कि शुभता का सूचक है इसकी स्थापना शुभ मुहूर्त में करना चाहिए तब ही पूजा का पुरा फल मिलता है। आइए जानते हैं कि किस तरह के कलश की स्थापना करनी चाहिए।

कलश स्थापना के लिए आवश्यक सामग्री (Chaitra Navratri 2025)
- पीतल, तांबे या मिट्टी का कलश
- शुद्ध जल
- आम या अशोक के पत्ते
- नारियल (लाल वस्त्र में लपेटा हुआ)
- लाल या पीला वस्त्र
- अक्षत (चावल)
- जौ
- रोली, मौली, हल्दी
- सुपारी और पंचरत्न
- मिट्टी और सात प्रकार के अनाज
कलश स्थापना की प्रक्रिया (Chaitra Navratri 2025)
- सबसे पहले पूजा स्थल और स्वयं को स्नान करके शुद्ध करें।
- पूजा स्थल पर लाल या पीले वस्त्र बिछाएं और चावल रखें।
- कलश में गंगाजल, सुपारी, हल्दी, रोली, दूर्वा और सिक्के डालें।
- कलश के मुख पर आम या अशोक के पत्ते लगाएं।
- नारियल को लाल कपड़े में लपेटकर मौली बांधें और कलश के ऊपर रखें।
- "ॐ गणाधिपतये नमः" और "ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे" मंत्र का जप करें।
- कलश पर पुष्प चढ़ाएं और दीप जलाकर पूजा करें।
- और उसे एक तसले की मिट्टी पर रखें और उस मिट्टी में जौ और सात तरह के अनाज बोएं और रोज उस पर जल का छिड़डकाव करें।
घट स्थापना मुहूर्त (Ghatasthapana shubh muhurat)
- घटस्थापना मुहूर्त- 30 मार्च, सुबह 06 बजकर 13 मिनट से सुबह 10 बजकर 22 मिनट तक
- अभिजीत मुहूर्त - 30 मार्च, दोपहर 12 बजकर 01 मिनट से 12 बजकर 50 मिनट तक
DISCLAIMER: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी बात को अमल में लाने से पहले किसी पंडित या ज्योतिषी से जरूर बात करें।












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