Buddh ki Pidda: बरगद के पेड़ से दूर होगी बुध की पीड़ा, जानिए फायदे
Buddh ki Pidda:वैदिक ज्योतिष में बुध को ग्रहों का राजकुमार कहा गया है। बुध का आधिपत्य व्यापार, शिक्षा, बौद्धिक कार्य, निर्णय क्षमता, संतान सुख, धन, वाणी पर होता है।
परिवार में यह भाई का प्रतीक होता है। कुंडली में बुध के खराब या नीच राशि में होने पर जातक को अनेक समस्याआं का सामना करना पड़ता है।

बुध मिथुन और कन्या राशि का स्वामी होता है और यह कन्या में उच्च का और मीन में नीच का होता है। बुध का स्वभाव है कि यह कुंडली में जिस ग्रह के साथ बैठता है उसी के समान व्यवहार करने लगता है।
11 बुधवार जरूर करें ये उपाय, दूर होगी परेशानी
यदि पाप ग्रह के साथ है तो पापी व्यवहार करता है और शुभ ग्रह के साथ है तो उसी के अनुसार फल देता है। बुध की पीड़ा को दूर करने के लिए शास्त्रों में एक अत्यंत चमत्कारिक उपाय बताया गया है। इसे किसी भी बुधवार से प्रारंभ करके लगातार 11 बुधवार करना होता है।
- सबसे पहले आपको एक बरगद का वृक्ष तलाशना होगा। बरगद के पेड़ के नीचे चारों ओर आसपास झाड़ू से अच्छे से सफाई करें। इसके बाद चारों ओर जल छिड़कें।
- इसके बाद बरगद के नीचे कुश का आसन बिछाएं और उस पर बैठें।
- बरगद से एक पत्ता लेकर इसे धो लें। इस पर सिंदूर से बुध के मंत्र ऊं ब्रां ब्रीं ब्रूं स: जीवाय स्वाहा: लिखें।
- इस पत्ते को अपने सामने रखें और इसी मंत्र का पांच माला जाप करें। माला रुद्राक्ष की ले सकते हैं।
- इसके बाद बरगद को नमस्कार करके उठें और जिस पत्ते पर सिंदूर से मंत्र लिखा है उसे अपने घर ले आएं और एक साफ कपड़े में बांधकर रख लें।
- यही प्रयोग लगातार 11 बुधवार करें। हर बुधवार एक एक पत्ता संभालकर रखते जाएं। जब 11 बुधवार हो जाएं तो इन 11 पत्तों को किसी नदी में विसर्जित कर आएं। इससे आपका बुध मजबूत होगा।
- प्रत्येक बुधवार को ही गाय को हरा चारा भी जरूर खिलाएं। यह प्रयोग हमेशा भी करते रह सकते हैं। इससे बुध कभी खराब नहीं होगा।












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