Basant Panchami 2024: रेवती नक्षत्र शुभ योग में होगा सरस्वती पूजन
Basant Panchami 2024: माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि बसंत पंचमी के रूप में मनाई जाती है। इस दिन ऋतुराज वसंत का आगमन होता है और प्रकृति अपना नवश्रृंगार करती है। इस दिन ज्ञान की देवी माता सरस्वती का पूजन किया जाता है।

इस बार बसंत पंचमी 14 फरवरी 2024 बुधवार को शुभ योग और रेवती नक्षत्र में मनाई जाएगी। रेवती नक्षत्र में विद्यारंभ करना अत्यंत शुभ माना जाता है और शुभ योग में किय गया कोई भी काम सफल होता है। इसलिए यह दिन अत्यंत विशेष बन गया है।
14 फरवरी को रेवती नक्षत्र प्रात: 10:42 बजे तक रहेगा और शुभ योग सायं 7:57 तक रहेगा। प्रात: 10:43 से रवियोग भी रहेगा। इन योगों में मां सरस्वती का पूजन करना चाहिए।
विद्यारंभ संस्कार
बसंत पंचमी के दिन बच्चों का विद्यारंभ संस्कार किया जाता है। इस दिन ज्ञान की देवी माता सरस्वती का पूजन कर बच्चों का विद्यारंभ करवाया जाता है। बच्चों के हाथ से स्लेट पर ऊं लिखवाकर विद्यारंभ करवाया जाता है। इस दिन जन्में बच्चों की जीभ पर चांदी की सलाई से शहद से ऊं लिखा जाता है।
पुस्तक पूजन
विद्यार्थी वर्ग, शिक्षक समेत वे सभी लोग जो किसी न किसी प्रकार पुस्तकों से जुड़े हुए हैं या जिनका काम शिक्षा से जुड़ा है उन सभी को वसंत पंचमी के दिन माता सरस्वती का पूजन अवश्य करना चाहिए। मां सरस्वती को पीले सफेद पुष्पों की माला पहनाकर पूजन करना चाहिए। पीली मिठाई का ही नैवेद्य लगाना चाहिए।
बसंत का आगमन
बसंत पंचमी वसंत ऋतु के आगमन की सूचना देती है। इस दिन से प्रकृति अपना नवश्रृंगार आरंभ करती है। इस उपलक्ष्य में अनेक आयोजन किए जाते हैं। इसे प्रेम का दिवस भी कहा जाता है। वसंत पंचमी के दिन अनेक सामूहिक विवाह समारोहों के आयोजन भी होते हैं। इसे अबूझ मुहूर्त कहा जाता है इसलिए इस दिन पंचांग शुद्धि देखे बिना ही विवाह करने की परंपरा रही है। इस दिन सरस्वती मंदिरों और स्कूल कालेजों में विशेष पूजा के आयोजन होते हैं।












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