Amavasya 2026: अमावस्या आज, तुरंत करें ये काम होगी मां लक्ष्मी की कृपा
Amavasya 2026: अमावस्या वह तिथि होती है जब चंद्रमा पूरी तरह से अदृश्य हो जाता है, इस दिन सूर्य और चंद्रमा एक ही राशि में होते हैं इसलिए इसे आध्यात्मिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। आज चैत्र अमावस्या का पावन दिन आया है।
हिंदू धर्म में अमावस्या को विशेष रूप से पितरों (पूर्वजों) को समर्पित दिन माना गया है। इस दिन पितृ तर्पण और श्राद्ध करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है, नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और घर में सुख-समृद्धि आती है।

इस दिन विशेष रूप से धन, समृद्धि और सुख-शांति की देवी मां लक्ष्मी की भी पूजा की जाती है,ऐसा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है और आर्थिक समस्याएं दूर होती हैं। अगर आप आज अमावस्या पर कुछ खास उपाय करते हैं, तो मां लक्ष्मी की कृपा जल्दी प्राप्त हो सकती है।
Amavasya 2026 Puja Vidhi: अमावस्या पूजा विधि
सबसे पहले गंगा जल मिलाकर स्नान करना शुभ माना जाता है, फिर सूर्य को अर्घ्य दें और तांबे के लोटे से जल अर्पित करें, पितरों का तर्पण करें और शाम के समय घर के मुख्य द्वार और पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाएं और गरीबों को भोजन, काले तिल, वस्त्र या धन का दान करें।
Amavasya 2026 Muhurat: चैत्र अमावस्या 2026 के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: 19 मार्च सुबह 05:08 बजे से 05:56 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: 19 मार्च दोपहर 12:22 बजे से 01:11 बजे तक
- विजय मुहूर्त: 19 मार्च दोपहर 02:47 बजे से 03:36 बजे तक
अमावस्या केवल चंद्रहीन रात नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, पितरों को स्मरण और आध्यात्मिक उन्नति का विशेष अवसर है। इस दिन किए गए दान-पुण्य और पूजा का कई गुना फल मिलता है। अमावस्या के दिन भगवान विष्णु, शिव और मां लक्ष्मी की पूजा की भी पूजा करनी चाहिए, जो ऐसा करता है उसे भी सुख-शांति और सुख प्राप्त होता है।
Amavasya 2026 Date and Time: 19 मार्च तो अमावस्या, करें इन मंत्रों का जाप
- ॐ पितृदेवाय नमः।
- ॐ सर्व पितृभ्यो स्वधा नमः।
- ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः।
- ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः।
DISCLAIMER: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है।












Click it and Unblock the Notifications