Amarnath Yatra 2023: अमरनाथ यात्रा के दौरान क्या करें और क्या ना करें, चेक करें ये पूरी लिस्ट
Amarnath Yatra 2023: बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए इस साल की अमरनाथ यात्रा 1 जुलाई से शुरू हो चुकी है। हिंदू भक्तों की सबसे पवित्र यात्राओं में शामिल ये यात्रा आज यानी 1 जुलाई से शुरू हुई है जो आगामी 31 अगस्त तक चलेगी।

तीर्थयात्री श्रीनगर में 3,888 मीटर की ऊंचाई पर स्थित अमरनाथ गुफा में बर्फ से बने भोले बाबा के शिवलिंग के दर्शन के लिए यात्रा करते हैं । इसे भगवान शिव के सबसे पवित्र मंदिरों में से एक माना जाता है। ये स्वयं भू शिवलिंग है जो सावन के महीना शुरू होने के पहले अपने आप बर्फ से अपने आप प्रकट होता है।
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शुक्रवार को जून को जम्मू आधार शिविर से अमरनाथ यात्रा के तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाई। अमरनाथ यात्रा के 30 तीर्थयात्रियों का जत्था भारी सुरक्षा के बीच पहलगाम और बालटाल के लिए आज शनिवार को रवाना हुआ।
बता दें इस बार जम्मू-कश्मीर में श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) ने 62 दिवसीय वार्षिक श्री अमरनाथ जी यात्रा के लिए 40 से अधिक खाद्य उत्पादों पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस यात्रा पर जाने वाले यात्रियों को करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए आइए जानते हैं!
तीर्थयात्रियों को ये जरूर करना होगा
- प्रत्येक यात्री को यात्रा पर निकलने से पहले जम्मू-कश्मीर के कुछ निर्दिष्ट स्थानों से अपना आरएफआईडी कार्ड लेना होगा।
- तीथीयात्रियों को यात्रा के दौरान हर समय एसएएसबी द्वारा जारी आरएफआईडी कार्ड पहनना अति आवश्यक है।
- तीर्थयात्रा पर जाने वाले भक्तों को यात्रा के दौरान आरामदायक कपड़े पहनने चाहिए।
- तीथयात्री अगर पैरों में ट्रैकिंग जूते पहनते हैं तो सबसे सुविधाजनक होता है।
- तीर्थ यात्री पहाड़ पर चढ़ते समय धीमी गति से चलें और खुद को अभ्यस्त होने का थोड़ा समय दें।
- तीर्थ यात्रियों को खुद को हाइड्रेटेड रखने के लिए यात्रा के दौरान पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए।
- यदि किसी यात्री को सांस लेने में तकलीफ/असुविधा हो तो तुरंत पास के चिकित्सा सुविधा से संपर्क करना चाहिए और यदि संभव हो तो निचले स्तर पर आने का प्रयास करना चाहिए।
तीर्थयात्रा के दौरान ये बिलकुल ना करें
- तीर्थयात्रियों को अपनी शारीरिक क्षमता से अधिक परिश्रम करने से बचना चाहिए और रास्ते में बार-बार ब्रेक लेना चाहिए और आराम करना चाहिए।
- तीर्थ यात्रियों को RFID कार्ड के बिना किसी भी यात्री को पूरे तीर्थयात्रा क्षेत्र में एंट्री की अनुमति नहीं मिलती है।
- तीर्थ यात्रियों को ट्रैकिंग मार्ग और आसपास कूड़ा-कचरा या खराब सामान फैलाकर पर्यावरण को प्रदूषित करने से बचना चाहिए।
- तीर्थ यात्रियों को शराब, कैफीनयुक्त पेय और धूम्रपान से बचने की सलाह दी गई है।
- तीर्थयात्री खाली पेट यात्रा शुरू करने की गलती बिलकुल ना करें।
- रास्ते में कोई छोटा रास्ता चुनने की गलती नहीं करनी चाहिए और साथ ही मार्ग पर बने 'खतरे के क्षेत्र' के संकेतों पर नजर रखनी चाहिए।












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