Akshaya Tritiya 2026: आपके शहर में आज क्या है सोना खरीदने का शुभ मुहूर्त? यहां देखें लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त
Akshaya Tritiya 2026: आज अक्षय तृतीया का शुभ त्योहार पूरे भारत में मनाया जा रहा है, माना जाता है कि यह दिन समृद्धि, सफलता और सौभाग्य लेकर आता है। इस दिन भक्त भगवान विष्णु, देवी लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा करते हैं। कई क्षेत्रों में, भगवान परशुराम की भी पूजा की जाती है, क्योंकि परशुराम जयंती भी आज ही है।
काशी के पंडित दयानंद शास्त्री ने आज लक्ष्मी पूजन के मुहूर्त शहर के अनुसार बताएं हैं, उनका कहना है कि शुभ लग्न में पूजा करने से इंसान को हर कष्ट से मुक्ति मिलती है और उसे पूजा का दोहरा फल मिलता है।

अक्षय तृतीया पूजा मुहूर्त 2026 (शहर के अनुसार) यहां प्रमुख शहरों में पूजा के शुभ मुहूर्त दिए गए हैं:
- नोएडा / नई दिल्ली / गुरुग्राम: 2:49 PM - 7.30 PM
- चेन्नई: 2:59 PM - 9.30 PM
- पुणे: 2:39 PM - 8.35 PM
- जयपुर: 2:49 PM - 9.35 PM
- हैदराबाद: 2:49 PM - 9.35 PM
- चंडीगढ़: 4:49 AM - 10:22 PM
- कोलकाता: 3:49 AM - 11:36 PM
- मुंबई: 3:49 AM - 11:36 PM
- बेंगलुरु: 3:49 AM - 11:39 PM
- अहमदाबाद: 3:19 AM - 11:36 PM
- लखनऊ: 3:49 AM - 11:06 PM
माना जाता है कि इन समयों के दौरान पूजा करने से सबसे ज़्यादा लाभ मिलता है।
अक्षय तृतीया 2026 पर सोना खरीदने का सबसे अच्छा समय क्या है?
अक्षय तृतीया पर सोना खरीदना बहुत शुभ माना जाता है। 2026 में सोना खरीदने का सबसे अच्छा समय 19 अप्रैल को निम्मलिखित है..
- दोपहर (शुभ): 01:58 PM से 03:35 PM।
- शाम (शुभ/अमृत): 06:49 PM से 10:57 PM।
सोने के अलावा, लोग इस दिन प्रॉपर्टी, गाड़ियां और दूसरी चीज़ों में भी निवेश करते हैं, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि इससे लंबे समय तक खुशहाली बनी रहती है।
चौघड़िया मुहूर्त समय
- लाभ: दोपहर 03:19PM - 04:56 PM बजे तक
- अमृत (सर्वोत्तम): शाम 04:56PM - 06:33 PM बजे तक
अक्षय तृतीया 2026 क्यों है खास?
इस साल, अक्षय तृतीया को 'अक्षय योग' बनने के कारण और भी खास माना जा रहा है। ज्योतिष के अनुसार, सूर्य और चंद्रमा दोनों ही एक ही समय पर अपनी उच्च स्थिति में हैं। माना जाता है कि ग्रहों का यह दुर्लभ संयोग एक प्रबल सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न करता है, जिससे यह दिन नए काम शुरू करने और निवेश करने के लिए और भी अधिक शुभ हो जाता है।
अक्षय तृतीया पर सोना-चांदी खरीदने का कारण क्या है?
अक्षय तृतीया पर धातु, विशेषकर सोने-चांदी की खरीदारी को केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। इसके पीछे कई धार्मिक और मनोवैज्ञानिक कारण हैं।
- सौभाग्य और समृद्धि: शास्त्रों के अनुसार, इस दिन खरीदे गए सोने में मां लक्ष्मी का वास होता है। ऐसी मान्यता है कि आज के दिन आप जो भी मूल्यवान वस्तु घर लाते हैं, वह घर में सुख-समृद्धि को बढ़ाती है और भविष्य में उसमें वृद्धि होती रहती है।
- कुबेर और लक्ष्मी का संबंध: पौराणिक कथाओं के अनुसार, आज ही के दिन भगवान शिव ने कुबेर को धन का रक्षक बनाया था और माता लक्ष्मी ने उन्हें अक्षय धन का आशीर्वाद दिया था। इसलिए, धातु खरीदना धन के देवता को प्रसन्न करने का एक तरीका माना जाता है।
- अक्षय फल की प्राप्ति: चूँकि यह 'अक्षय' तिथि है, इसलिए इस दिन किया गया निवेश कभी व्यर्थ नहीं जाता। लोग इसे नए व्यापार की शुरुआत या भविष्य के लिए बचत के रूप में देखते हैं।












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