पुलिस कमिश्नरेट में डीसीपी भी अब लगा सकेंगे गुंडा एक्ट, योगी कैबिनेट ने दी इन 11 प्रस्तावों को मंजूरी

लखनऊ। अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई के कदम और तेजी से बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश की योगी सरकान ने लखनऊ व गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट के लिए बड़ा निर्णय किया है। कैबिनेट बाई सर्कुलेशन के जरिए उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण (संशोधन) विधेयक, 2021 को मंजूरी दी गई है। इसके तहत अब लखनऊ व गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट में पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) भी अपराधियों के विरुद्ध गुंडा एक्ट निरुद्ध करने की कार्रवाई कर सकेंगे। पहले यह अधिकार पुलिस कमिश्नर के पास निहित था। कैबिनेट ने जिसे अब डीसीपी स्तर के अधिकारियों को सौंपने का निर्णय किया है। योगी आदित्यनाथ कैबिनेट ने इसके साथ ही 11 अन्य प्रस्तावों को बाई सर्कुलेशन से मंजूरी दी है।

Yogi govt approved eleven proposal in cabinet meeting

गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए 2900 करोड़ का ऋण मंजूर : पीएम नरेंद्र मोदी की योजना के अनुरूप प्रदेश में हर जगह की कनेक्टिविटी को बेहद सुगम बनाने की राह पर योगी आदित्यनाथ सरकार एक्सप्रेस-वे का नेटवर्क बिछा रही है। इसी क्रम में योगी आदित्यनाथ सरकार अब गंगा एक्सप्रेस-वे का निर्माण भी जल्द शुरू कराना चाहती है। इसको लेकर सरकार का दावा है कि मेरठ से प्रयागराज तक प्रस्तावित यह एक्सप्रेस-वे देश में सबसे बड़ा होगा। इसके लिए हाल ही में जमीन अधिग्रहण व खरीद की प्रक्रिया शुरू हुई है। इस बड़ी परियोजना के वित्त पोषण के लिए उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) कई विकल्पों पर विचार कर रहा है। पिछले बजट में सरकार ने लगभग दो हजार करोड़ रुपये का प्रविधान किया था। अब भूमि अधिग्रहण के आंशिक वित्तपोषण की व्यवस्था भी की गई है। यूपीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि इस प्रक्रिया के लिए हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (हुडको) से 2900 करोड़ रुपये का ऋण लिया जाएगा। औद्योगिक विकास विभाग के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।

नियमित नियुक्ति की तारीख से पेंशन के लिए विधेयक लाएगी सरकार: सरकारी सेवा में नियुक्ति की तिथि को पेंशन का आधार बनाने के लिए पिछले साल नवंबर में लागू किए गए 'उप्र पेंशन हेतु अर्हकारी सेवा एवं विधिमान्यकरण अध्यादेश-2020Ó के बदले सरकार विधानमंडल के बजट सत्र में विधेयक लाएगी। विधेयक के प्रारूप को रविवार को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन मंजूरी दे दी गई। इस अध्यादेश में व्यवस्था है कि पेंशन सिर्फ उसी कर्मचारी को मिलेगी जिसकी किसी स्थायी या अस्थायी पद पर संबंधित सेवा नियमावली के अनुसार नियुक्ति की गई हो। पेंशन/पारिवारिक पेंशन आदि सेवा लाभों के लिए कर्मचारी की नियमित नियुक्ति की तारीख को ही आधार माना जाएगा।

राज्यपाल के अभिभाषण को मंजूरी: विधानमंडल के बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल आनंदीबेन पटेल विधानसभा और विधान परिषद के संयुक्त सदन में अभिभाषण देंगी। इस प्रस्ताव को कैबिनेट ने स्वीकृति दे दी है।

गन्ना समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी नहीं: पेराई सत्र 2020-21 के लिए गन्ना समर्थन मूल्य में कोई वृद्धि नहीं होगी। किसानों को गत सत्र के बराबर 325, 315 व 310 रुपये प्रति ङ्क्षक्वटल दर से गन्ना मूल्य भुगतान किया जाएगा। बाजार में चीनी के दाम नहीं बढ़ने पर उत्पादन वृद्धि होने सेे लगातार तीसरे पेराई सत्र में भी गन्ना मूल्य नहीं बढृाया जा सका है। कैबिनेट बाई सर्कुलेशन फैसले के बाद पर्चियों पर गन्ने की मूल्य पर अंकित करने का कार्य आरंभ हो जाएगा। अगैती प्रजाति के गन्ने का मूल्य 325 रुपये, सामान्य प्रजाति 315 एवं अस्वीकृत प्रजाति का 310 रुपये प्रति क्विंटल होगा। गन्ना समर्थन मूल्य नहीं बढऩे से किसानों में मायूसी है, परंतु चीनी उमद्यियों ने राहत की सांस ली है। किसानों को उम्मीद थी कि इस बार गन्ना मूल्य निर्धारण में हुए विलंब का लाभ मामूली वृद्धि के तौर पर मिल सकता है। कृषि कानूनों विरोधी आंदोलन को देखते हुए माना जा रहा था कि सरकार किसानों को खुश करने के लिए गन्ना समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी कर सकती है। उधर, चीनी मिलों द्वारा गन्ना मूल्य वृद्धि का लगातार विरोध किया जा रहा था। उप्र चीनी मिल्स एसोसिएशन के सचिव दीपक गुप्तारा का कहना है कि प्रदेश में चीनी का पुराना स्टाक इतना है कि वर्ष भर देश की जरूरत को पूरा किया जा सकता है। महाराष्ट्र में चीनी उत्पादन बढऩे से भी उप्र की चीनी मिलों की बिक्री पर दुष्प्रभाव पड़ा है। गन्ना मूल्य बढ़ाया जाता तो मिलों द्वारा किसानों को भुगतान कर पाना संभव नहीं था।

मेजा तापीय विद्युत परियोजना की पुनरीक्षित लागत अनुमोदित: एनटीपीसी और उत्तर प्रदेश ऊर्जा निगम के संयुक्त उपक्रम मेजा ऊर्जा निगम प्राइवेट लिमिटेड प्रयागराज में 2 गुणा 660 मेगावाट मेजा तापीय विद्युत परियोजना की स्थापना की करने रही है। ऊर्जा विभाग ने लागत को पुनरीक्षित करने का प्रस्ताव बनाया था, जिसे कैबिनेट ने अनुमोदित कर दिया है।

पूरा होगा एसडीआरएफ के अधूरे अनावासीय भवनों का काम: प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं के दौरान राहत और बचाव कार्य के लिए स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (एसडीआरएफ) गठित है। इस वाहिनी के अनावासीय भवन राजधानी लखनऊ में हैं, जो अधूरे पड़े थे। सरकार ने इन भवनों का अधूरा काम पूरा कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

चकेरी एयरपोर्ट की सड़क के नए एस्टीमेट को मंजूरी: कानपुर नगर में एचएच-2 के किलोमीटर 484 से नवीन चकेरी एयरपोर्ट तक सड़क का पुनर्निमाण कराया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग ने इसका रिवाइज्ड एस्टीमेट तैयार किया था। सरकार ने पुनरीक्षित प्रशासकीय और वित्तीय स्वीकृति दे दी है।

राजभवन के लिए होगी इनोवा क्रिस्टा की सीधी खरीद: राजभवन के वाहन बेड़े में शामिल लोगान कार यूपी 32 बीजी-5567 निष्प्रयोज्य घोषित की जा चुकी है। इसकी नीलामी के बाद टोयोटा किर्लोस्कर मोटर प्राइवेट लिमिटेड की सात सीटर कार इनोवा क्रिस्टा खरीदी जानी है। चूंकि यह जेम पोर्टल पर उपलब्ध नहीं है, इसलिए फर्म से इसकी सीधी खरीद का प्रस्ताव कैबिनेट ने स्वीकृत किया है।

अयोध्या में सीआरपीएफ से होगी जमीन की अदला-बदली: अयोध्या स्थित मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम हवाई अड्डे के नए टर्मिनल और स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के नए परिसर के लिए रास्ता बनाया जाना है। गृह विभाग 63वीं बटालियन केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की भूमि की अदला-बदली का प्रस्ताव बनाया था, जिसे स्वीकृति दे दी गई है।

प्रयागराज और आगरा में निर्वाचन विभाग को निशुल्क जमीन: इलेक्ट्रॉनिक वोङ्क्षटग मशीन (ईवीएम) और वीवी पैट मशीनों के भंडारण के लिए प्रयागराज और आगरा में वेयरहाउस व गोदाम का निर्माण कराया जाना है। इसके लिए निर्वाचन विभाग को नजूल की भूमि निश्शुल्क आवंटित किए जाने का निर्णय हुआ है।

उत्तराखंड को 3.98 करोड़ हस्तांतरित: उत्तराखंड में स्थित पांच जलाशयों व शारदा सागर जलाशय से वर्ष 2001-02 तथा 2003-04 की अवधि में प्राप्त कुल आय में से सिंचाई विभाग के रायल्टी अंश 3,98,39,139 रुपये धनराशि उत्तराखंड राज्य मत्स्य पालक विकास अभिकरण को हस्तांतरित करने की स्वीकृति प्रदान की की गई।

सरकार उठाएगी नौचंदी और चित्रकूट के मेलों का खर्च: प्रदेश में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत प्रदेश सरकार चार पारंपरिक मेलों की रौनक और व्यवस्थाएं बढ़ाने का प्रबंध करने जा रही है। रविवार को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन हुए फैसलों में इन प्रमुख मेलों के प्रांतीयकरण का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया। चित्रकूट के सोमवती अमावस्या मेला, भाद्रपद (भदई) अमावस्या मेला, कार्तिक माह में लगने वाला पांच दिवसीय दीपावली मेला और मेरठ के नौचंदी मेले की व्यवस्थाएं अभी तक स्थानीय स्तर पर की जाती थीं। प्रांतीयकरण हो जाने से इनका खर्च सरकार उठाएगी। इनके आयोजन के लिए जिला स्तर पर समितियां बनेंगी। बजट में इनके लिए प्रविधान किया जाएगा।

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