मध्य प्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार विधानसभा सत्र से पहले कर्मचारियों को दे सकती है वेतन वृद्धि की सौगात
भोपाल, 19 जुलाई। केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 28 फीसदी किए जाने के बाद से नाराज चल रहे राज्य कर्मचारियों को खुश करने के लिए सरकार एक अहम् फैसला ले सकती है. मध्य प्रदेश सरकार विधानसभा सत्र से पहले कर्मचारियों को वेतन वृद्धि की सौगात दे सकती है.

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इसके लिए मंत्रालय स्तर पर प्रक्रिया चल रही है. संभव है कि सरकार राज्य कर्मचारियों को 2 वेतन वृद्धि दिए जाने का फैसले पर मुहर लगा दे. हालांकि दो वेतन वृद्धि देने पर सरकार पर करीब 80 करोड़ सालाना का अतिरिक्त भार आएगा.
राज्य सरकार ने प्रदेश के करीब 14 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को 2 साल से वेतन वृद्धि और महंगाई भत्ते का लाभ नहीं दिया है. इससे कर्मचारी नाराज चल रहे हैं. मंत्रालय कर्मचारी संघ ने तो 20 जुलाई को आंदोलन की चेतावनी भी दे दी है. इसी के चलते यह माना जा रहा है कि सरकार दो वेतन वृद्धि करने का फैसला ले सकती है.
कोरोना की वजह से बिगड़े हालात
गौरतलब है कि 2019 में तत्कालीन कमलनाथ सरकार ने कर्मचारियों का महंगाई भत्ता पांच फीसदी से बढ़ाकर 17 फीसदी किया था. इसका भुगतान मार्च 2020 से किया जाना था, लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते सरकार ने अप्रैल 2020 में इस आदेश को निरस्त कर दिया.
हाल ही में जब केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों का डीए (DA) बढ़ाया तो राज्य कर्मचारियों की ओर से भी महंगाई भत्ता बढ़ाने की मांग उठने लगी. केंद्रीय कर्मचारियों की तुलना में राज्य सरकार के कर्मचारियों को अभी 16 फीसदी कम महंगाई भत्ता मिल रहा है, जिससे कर्मचारी संगठन नाराज हैं.
क्या है स्थिति?
केंद्र सरकार की ओर से केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ाए जाने के बाद अब यह 28 फीसदी तक हो गया है, जो 1 जुलाई से मान्य होगा. वहीं मध्य प्रदेश के कर्मचारियों को 1 जनवरी 2019 की स्थिति में 12% महंगाई भत्ता मिल रहा है.
कर्मचारियों का डीए न बढ़ने की वजह से वेतन में वृद्धि नहीं हुई है, वित्त विभाग की मानें तो राज्य सरकार को केंद्र के बराबर डीए देने पर हर महीने 720 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार आएगा, जो साल भर के हिसाब से करीब 8640 करोड़ रुपए होगा.












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