छत्तीसगढ़ः लौह अयस्क और चूनापत्थर के कुल 16 नए खदानों की नीलामी की तैयारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ में लौह अयस्क और चूनापत्थर के कुल 16 नए खदानों की नीलामी की तैयारी की जा रही है। राज्य के जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों ने शुक्रवार को यहां बताया कि केन्द्रीय खान एवं कोयला मंत्री प्रहलाद जोशी ने आज छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ आयोजित वर्चुअल बैठक में केन्द्र के निर्देशों पर त्वरित पहल करने के लिए छत्तीसगढ़ की सराहना की।

preperation for auction of 16 new minings of iron and limestone

अधिकारियों ने बताया कि बैठक में जानकारी दी गई कि भारत सरकार की प्राथमिकता में खनिज ब्लॉक्स का आबंटन नीलामी के माध्यम से किए जाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके तहत छत्तीसगढ़ राज्य में प्रथम चरण के तहत अगले दो-तीन माह में लौह अयस्क और चूनापत्थर के कुल 16 नए ब्लॉक्स की नीलामी की तैयारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्री जोशी ने कहा कि भारत सरकार के निर्देशों के अनुरूप खनिज ब्लॉकों की नीलामी के लिए पहल करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है।

अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री बघेल ने केंद्रीय मंत्री जोशी से बस्तर क्षेत्र में लौह अयस्क आधारित औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देने तथा स्थानीय लौह अयस्क आधारित उद्योगों को सुगमता से लौह अयस्क उपलब्ध कराने के लिए बैलाडीला लौह अयस्क खदान-1 को सीएमडीसी के पक्ष में आरक्षित करने का आग्रह किया। बघेल ने कहा कि नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र में नक्सली समस्या के उन्मूलन के लिए औद्योगिकीकरण एक अच्छा माध्यम हो सकता है। इस पर केन्द्रीय मंत्री द्वारा आवश्यक पहल का आश्वासन दिया गया।

मुख्यमंत्री ने जिला खनिज संस्थान (डीएमएफ) में जिले के प्रभारी मंत्री को पदेन अध्यक्ष बनाए रखने का अनुरोध बैठक में किया। उन्होंने कहा कि समिति में समस्त सांसदों को पदेन सदस्य बनाया जा सकता है। वर्तमान में जिला कलेक्टर को पदेन अध्यक्ष और समस्त सांसदगण को पदेन सदस्य बनाए जाने के भारत सरकार खान मंत्रालय के आदेश को संशोधित करने का आग्रह किया। केन्द्रीय मंत्री ने इस पर विचार का आश्वासन दिया।

अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय कोयला मंत्री जोशी ने देश में सर्वप्रथम छत्तीसगढ़ राज्य के द्वारा निजी कोयला खदानों के ग्रेड निर्धारण के लिए किए गए कार्यों की सराहना की तथा एसईसीएल की खदानों में भी ग्रेड निर्धारण का अधिकार राज्य सरकार को देने के छत्तीसगढ़ की मांग पर विचार करने और निकट भविष्य में इस संबंध में सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री बघेल ने छत्तीसगढ़ शासन द्वारा वर्ष 2014 के पूर्व संचालित निजी कोयला खदानों से सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार वसूल की गई 4100 करोड़ रूपए की राशि छत्तीसगढ़ राज्य को जल्द हस्तातंरित करने का आग्रह किया। केन्द्रीय मंत्री ने इस मुद्दे पर सहमति व्यक्त करते हुए, सुप्रीम कोर्ट के माध्यम से मार्गदर्शन प्राप्त कर प्रकरण का निराकरण करने का आश्वासन दिया।

अधिकारियों ने बताया कि इस वर्चुअल बैठक में भारत सरकार, कोयला एवं खान मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

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