प्रतिष्ठित ब्लू फ्लैग प्रमाणन के लिए ओडिशा पांच और समुद्र तटों का विकास करेगा: सीएम पटनायक
भुवनेश्वर। ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने रविवार को कहा कि राज्य के तटीय इलाकों में पर्यटन क्षमता को बढ़ावा देने के प्रयास के तहत राज्य सरकार ने ब्लू फ्लैग प्रमाणन हासिल करने के लिए पांच और समुद्र तटों को विकसित और सुंदर बनाने का फैसला किया है। पुरी के गोल्डन बीच को पहले ही यह प्रतिष्ठित प्रमाणन मिल चुका है। पटनायक ने एक बयान में कहा, "ओडिशा अपनी पर्यटन संभावनाओं को बढ़ावा देने के अपने प्रयासों के तहत ब्लू फ्लैग प्रमाणन हासिल करने के लिए पांच और समुद्र तटों का विकास कर रहा है। गंजम जिले के पति सोनापुर और हरिपुर तथा पुरी जिले के नीलाद्री, मुहान और जहानिया में अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करने की योजना बनाई जा रही है।"

वन एवं पर्यावरण और पर्यटन विभाग संयुक्त रूप से पांच समुद्र तटों का पुनर्विकास करेंगे। एक सरकारी सूत्र ने बताया कि यह पहल, अगर सफल रही, तो इससे यह तीर्थ नगरी पूर्वी भारत में सबसे अधिक लोकप्रिय तटीय स्थलों में से एक बन जाएगी। उन्होंने बताया कि नीलाद्री समुद्र तट पर काम पूरा होने के करीब है, जबकि चार अन्य तटों पर गतिविधियां जल्द ही शुरू हो जाएंगी।
उन्होंने कहा कि पांच परियोजनाओं में से प्रत्येक के लिए 1.5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। समुद्र तटों पर उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं में शौचालय, बैठने की व्यवस्था, एक सौर प्रकाश प्रणाली और वॉच टावर हैं। हालांकि, तटों पर कोई स्थायी भवन नहीं बनाया जाएगा। गौरतलब है कि कोपेनहेगन स्थित फाउंडेशन फॉर एनवायरनमेंटल एजुकेशन (एफईई) द्वारा प्रदान किया जाने वाला ब्लू फ्लैग टैग, ओडिशा के लिए पहली बार पुरी के गोल्डन बीच को पिछले साल 11 अक्टूबर को मिला था।












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