आईटीआई करने वाले युवाओं को लेकर हरियाणा की खट्टर सरकार ने लिया बड़ा फैसला
हरियाणा सरकार ने आईटीआई पास करने वाले युवाओं के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।
चंडीगढ़, 10 जून: कोरोना काल में हरियाणा सरकार ने आईटीआई पास करने वाले युवाओं के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राज्य सरकार आईटीआई करने वाले युवाओं को उनके कौशल के अनुसार विदेशों में भी नौकरियां प्राप्त करने में सहयोग करेगी। इसके लिए, प्रदेश की सरकार विदेशी एजेंसियों की मदद लेगी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री मूलचंद शर्मा ने विभागीय समीक्षा के दौरान कहा कि एजेंसियों द्वारा संबंधित देश के क्राइटेरिया के अनुसार, आईटीआई उत्तीर्ण युवाओं को शॉर्ट टर्म ट्रेनिंग दी जाएगी।

मंत्री मूलचंद शर्मा ने कहा कि युवाओं की ट्रेनिंग के बाद उनका टेस्ट लेकर उन्हें सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा। टेस्ट में सफल होने वाले वाले युवा उस देश में जाकर रोजगार प्राप्त कर सकेंगे और वहां की स्थाई नागरिकता भी ले सकेंगे। उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की हर वर्ष 1 लाख लोगों के अंत्योदय के लक्ष्य की तर्ज पर राज्य में ऐसे परिवारों के एक लाख बच्चों की पहचान कर उन्हें ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके अलावा, परिवहन विभाग में चालक प्रशिक्षण के इच्छुक उम्मीदवारों को प्रशिक्षित करने के लिए विभाग से बात की जाएगी। आईटीआई में गरीब घर के बच्चे ही प्रवेश लेते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए, उन्हें कोर्स कराकर रोजगार के लिए योग्य बनाना डिपार्टमेंट की जिम्मेदारी है।
इसके अलावे, कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री ने कहा कि विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों को कम सैलरी देने, ईएसआई और ईपीएफ मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही या अनियमितता को बदार्श्त नहीं किया जाएगा। कोताही बरतने वाले संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई होगी। साथ ही, ऐसी एजेंसियों को भी ब्लैक लिस्ट किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आउटसोर्सिंग के जरिये आईटीआई में कार्य कर रहे कर्मचारियों का ईएसआई, ईपीएफ जमा कराना व सुनिश्चित करना कि किसी कर्मचारी को डीसी रेट से कम सैलरी न मिले, यह सम्बंधित प्रिंसिपल की जिम्मेदारी है।












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