हरियाणा में मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान अभियान, परिवार पहचान पत्र से मिलेगा सरकारी सेवाओं का लाभ
झज्जर। अतिरिक्त उपायुक्त जगनिवास ने कहा कि परिवार पहचान पत्र सरकारी सेवाओं का लाभ प्राप्ति का मूल आधार बनने जा रहा है। ऐसे में सभी अधिकारी व कर्मचारियों के साथ ही स्थानीय कमेटी अपना सक्रिय योगदान देते हुए परिवार पहचान पत्र बनवाने के लिए आमजन को प्रेरित करें। अतिरिक्त उपायुक्त जगनिवास ने सोमवार को लघु सचिवालय सभागार में महिला एवं बाल विकास विभाग की सभी सुपरवाइजर से परिवार पहचान पत्र स्टेटस रिपोर्ट तलब की।

एडीसी ने कहा कि मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान अभियान की शुरुआत करने जा रहे है। इसके तहत परिवार पहचान पत्र के माध्यम से ऐसे परिवारों की पहचान की जाएगी। जिसकी आय एक लाख से कम है और सरकार का लक्ष्य ऐसे परिवारों की सालाना आमदनी को बढ़ाना है। बैठक में उपस्थित परिवार पहचान पत्र के नोडल ऑफिसर रविद्र कौशिक ने सभी सुपरवाईजर को बताया कि आप अपने-अपने क्षेत्र में लोगों को इस बारे जागरूक करें कि परिवार के मुखिया के हस्ताक्षर करवाकर फैमिली आईडी को अपलोड करवाना जरूरी है तभी वह फैमिली आईडी मान्य है। इसके उपरांत एडीसी ने पीपीपी के तहत जिला में स्थित सभी महाविद्यालय के मुखियाओं की बैठक भी ली।
एडीसी ने कहा कि आय की प्रमाणिकता जांचने के लिए जो लोकल कमेटी कार्य करेगी। उसमें प्रत्येक यूनिट में एक लोकल महाविद्यालय का छात्र होना जरूरी है। साथ ही उन्होंने महाविद्यालय के मुखियाओं से यूनिट वाईज एक छात्र की जानकारी उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। कहा कि परिवार पहचान पत्र का कार्य हरियाणा सरकार का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है जिसके माध्यम से प्रदेश के हर परिवार तक सरकार की सेवाओं का लाभ पहुंचाना प्राथमिकता है। परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) व्यवस्था परिवर्तन का आधार बनने जा रहे हैं।
पत्र पर सत्यापित डाटा सरकारी सेवाओं का लाभ देने का मूल आधार है। सरकार की ओर से अभी तक सरल सेवाओं को पीपीपी से जोड़ा जा रहा है और पीपीपी के तहत जरूरतमंद लाभपात्रों को योजना व सेवाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर दिया जाएगा। बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी नीना खत्री सहित विभाग से सभी सीडीपीओ, सुपरवाइजर, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं जिला नोडल अधिकारी परिवार पहचान पत्र रविद्र कौशिक उपस्थित रहे।












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