दिल्ली में बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए केजरीवाल सरकार ने बनाया प्लान, ये है पूरी योजना
नई दिल्ली, जुलाई 5। देश की राजधानी दिल्ली में बढ़ती गर्मी के साथ बिजली की मांग भी बढ़ने लगी है। ऐसे में उस मांग को पूरा करना दिल्ली सरकार के चुनौती साबित हो रहा है। गर्मी में बिजली की पीक डिमांड की पूर्ति करने के लिए दिल्ली सरकार ने रणनीति तैयार कर ली है। तीनों निजी बिजली कंपनियों की मदद के लिये सरकार एक रणनीति के तहत काम करने जा रही है। सरकार अगले साल 8,500 मेगावाट बिजली की पीक रिमांड के लक्ष्य को पूरा करने की तैयारी कर रही है।

दिल्ली सरकार का मानना है कि दिल्ली में हर साल नए ग्राहकों के बढ़ने की वजह से बिजली की खपत बढ़ने और हर साल समृद्धि में वृद्धि के कारण औसतन 4-5 फीसद बिजली की मांग बढ़ती है। अभी तक बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने में सफल रही है और दिल्ली के सभी निवासियों को 24 घंटे बिजली की आपूर्ति भी कर रही है।
इस बीच देखा जाए तो दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बिजली की बढ़ती मांग को लेकर बिजली विभाग और बिजली वितरण कंपनियों के अधिकारियों के साथ एक रिव्यू मीटिंग भी की है। मीटिंग के दौरान सीएम केजरीवाल ने कहा है कि राजधानी बिजली की बढ़ी मांग के बीच दिल्ली में विद्युत आपूर्ति की मौजूदा स्थिति पर विचार विमर्श किया गया है।
लोगों की सुरक्षा के लिए हाईटेंशन तारों को किया जाएगा डाइवर्ट
इस दौरान विभाग के अधिकारियों को बिजली के बेहतर आपूर्ति के लिए ट्रांसफार्मर की जरूरत वाले क्षेत्रों की पहचान करने और लोगों की सुरक्षा के लिए हाईटेंशन तारों को डाइवर्ट या अलग (इंसुलेट) करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
ट्रांसफार्मर को ठीक करने में डिस्काम की मदद करेगी सरकार
सीएम केजरीवाल ने यह भी कहा है कि कंपनियां या डिस्कॉम, जो जगह की कमी के कारण कुछ क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर को ठीक करने में समस्या का सामना कर रही हैं, वे सरकार को ऐसे स्थानों के बारे में जानकारी देंगी. सरकार उन क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर को ठीक करने में डिस्कॉम की मदद करेगी। लटकते (ओवरहेड) केबल्स या तो भूमिगत किए जाएं या अलग किए जाएं।
अगले साल पीक डिमांड 8,500 मेगावाट पार होने की संभावना
दिल्ली सरकार की ओर से अगले साल पीक डिमांड के दौरान 8,500 मेगावाट से ज्यादा बिजली की आपूर्ति करने का लक्ष्य निर्धारित किया है. वर्तमान में देखा जाए तो दिल्ली में अभी तक बिजली की पीक डिमांड 7,323 मेगावाट रिकॉर्ड की गई है. लेकिन आने वाले साल में इसकी डिमांड और बढ़ने पर इसके लिये इंतजाम करने में भी जुट गई है।
बताते चलें कि इस साल जून और जुलाई माह में भीषण गर्मी के चलते तापमान में भी रिकॉर्ड तोड़ते हुए 43 डिग्री तापमान को पार कर लिया है इसके चलते बिजली की भी डिमांड भी जून माह में 7,323 मेगावाट को पार कर गई है।
बिजली कंपनियों की माने तो 2019 में 2 जुलाई को बिजली की मांग ऑल-टाइम हाई 7409 मेगावॉट पहुंची थी. लेकिन, पिछले साल गर्मियों में लाॅकडाउन (Lockdown) आदि के कारण पीक डिमांड में कमी दर्ज की गई और यह सिर्फ 6314 मेगावाॅट के आंकड़े को छू पाई. 29 जून, 2020 को पिछले वर्ष की पीक डिमांड दर्ज की गई थी।












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