Jaipur Literature Festival: साहित्यिक उत्सव के सातवें दिन लोगों के लिए क्या है खास?
Jaipur Literature Festival: सातवें दिन लोगों के लिए क्या है खास?
नई दिल्ली, 10 मार्च। 15वें जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के सातवें दिन भारतीय लोकतंत्र, चुनावी प्रक्रिया, मिडिल ईस्ट, विनायक दामोदर सावरकर की विरासत और बहुत कुछ विषयों पर चर्चा होगी। प्रोफाइल राइटर और राजनयिक उमर सैफ घोबाश, नवदीप सूरी और तल्मिज़ अहमद ने नवतेज सरना के साथ बातचीत करेंगे। मिडिल ईस्ट की बदलती सीमाएँ, दृष्टिकोण, सामाजिक-राजनीतिक संरचना, सत्ता और विश्व मंच को लेकर चर्चा होगी। मिडिल ईस्ट को लेकर क्या चुनौतियां है, क्या मुद्दे हैं और कायापलट की स्थिति क्या है? सत्र उन मुद्दों पर इस सेशल में प्रकाश डाला जाएगा।

प्रख्यात विधिवेत्ता और भारत के सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर, मेकर्स ऑफ दलित हिस्ट्री के लेखक और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश पासवान, भारत के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त और कई पुस्तकों के लेखक नवीन बी चावला इस सेशऩ में हिस्सा लेंगे। इस सत्र में उन्होंने चुनावी प्रक्रिया और लोकतांत्रिक व्यवस्था का वर्णन किया।

वहीं इस सेशन में एकैडमिक विजय तन्खा ने राजनीतिक और चुनावी प्रक्रिया, लोकतंत्र के विरोधाभास और इसके जीन और चुनावी असंतोष को लेकर चर्चा की। विजय गोखले, ब्रूनो मैकोस, महफूज अनम और ज्योति मल्होत्रा के साथ इस सत्र में टीसीए राघवन शामिल होंगे। उन्होंने एशियाई देशों के बीच राजनीतिक, इकोनॉमिक, सांस्कृतिक गतिशीलता को लेकर चर्चा की। इस सेशन में एशियाई देशों के बीच उभरती ताकतों, इसके बीच की गतिशीलता और बाहरी शक्तियों को लेकर उनकी गणनीति और वैश्विक स्तर पर उनकी उपलब्धियों को लेकर चर्चा की।

इस सत्र में पत्रकार, राजनीतिक विश्लेषक और लेखक, उदय माहूरकर अपनी किताब वीर सावरकर - 'दी मैन हू कुड हैव प्रिवेंटेड पार्टिशन' पर चर्चा करेंगे। वहीं किताब के को ऑर्थर चिरायू पंडित सावरकर की भूमिका , उनकी विचारधार पर बात करेंगे। वो पत्रकार मंदिरा नायर के साथ इस सत्र में बातचीत करेंगे। इस सेशन वे वो एक ऐसी शख्सियत को लेकर चर्चा करेंगे, जिसकी उपस्थिति भारत के वर्तमान राजनीतिक वर्णन पर भारी पड़ती है। वहीं इस सेशन में ओडिया लेखक परमिता सत्पथी शामिल होंगी। परमिता को साल 2016 में साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला था
Day 6 राउंडअप
जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल देश का सबसे बड़ा साहित्यिक उत्सव है। हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत और भारतीय फ्यूजन बैंड के प्रमुख शास्त्रीय गायक उज्जवल नागर ने मधुर संगीत ने शानदार प्रदर्शन के साथ उद्घाटन सत्र का मार्ग प्रशस्त किया। सेशन की शुरुआत के साथ उन्होंने कहा कि जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2022 में प्रदर्शन करना उनके लिए खुशी और सम्मान की बात है। उन्होंने पहले धीमी गति की रचना प्रस्तुत की और फिर फास्ट टैंपों में संगीत के साथ समां बांध दिया। संगीतमय शुरुआत के बाद कार्यक्रम को मुख्य वक्ता और लेखक हरीश त्रिवेदी ने संबोधित किया। उनके साथ यूएस डिप्लोमैट और भारत में यूएन रेजिडेंट को-ऑर्डिनेटर शोम्बी शार्प सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया।

अपने स्वागत भाषण में, महोत्सव निर्माता और टीमवर्क आर्ट्स के प्रबंध निदेशक, संजय के रॉय ने जयपुर साहित्य महोत्सव का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि पिछले साल हमने अपनी डिजिटल श्रृंखला जेएलएफ ब्रेव न्यू वर्ल्ड, जेएलएफ वर्ड्स ब्रिजेज और 2021 जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के जरिए विश्व के 27.5 मिलियन लोगों तक अपनी पहुंच बढ़ाई। ये पहला साल है जब हमने फेस्टिवल को हाईब्रिड मोड में रखा है । ये फेस्टिवल 4 मार्च से 14 मार्च तक चलेगा। वहीं महोत्सव की सह-निदेशक नमिता गोखले ने कहा कि मैं मैं साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त करके बहुत सम्मानित महसूस कर रही हूं। वहीं लेखक, इतिहासकार और महोत्सव के सह-निदेशक विलियम डेलरिम्पल ने कहा कि महामारी सभी के लिए कठिन रही है, लेकिन विशेष रूप से कला, साहित्य जगत के लिए खतरनाक रहा। लॉकडाउन के कारण इस क्षेत्र पर आर्थिक रूप से खतरा बढ़ा, लेकिन अब हम सब वापस आ चुके हैं। जय़पुर लिटरेचर फेस्टिवल में रजिस्ट्रेशन के लिए यहां क्लिक करें।












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