Sanatan Dharma: चुनाव से पहले ध्रुवीकरण की लाईन फिर खिंच गई
भारतीय जनता पार्टी की किस्मत अच्छी है कि उसके विरोधी उसे कोई न कोई ऐसा मुद्दा दे देते हैं, जिससे उसकी खिसकती जमीन फिर से उसके कब्जे में आ जाती है| मोदी और भाजपा विरोध में बना इंडी एलायंस सेक्यूलरिज्म के नाम पर हिन्दू और सनातन धर्म विरोध पर आकर अटक गया है|
इंडी एलायंस के पावरफुल घटक डीएमके के नेता और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन की सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री के. पोनमुडी के बयान से इंडी एलायंस में खलबली मच गई है| उनका बयान सिर्फ सनातन धर्म विरोधी नहीं है| बल्कि इस बात का खुलासा है कि इंडी एलायंस का गठन ही सनातन धर्म विरोध के आधार पर किया गया है| अब इंडी एलायंस के सभी घटक दलों को सफाई देनी पड़ेगी कि सनातन धर्म पर उनके क्या विचार हैं|

एक तरफ यह राजनीतिक लड़ाई का मुद्दा बन गया है, तो दूसरी तरफ विश्व हिन्दू परिषद ने 30 अक्टूबर से देश भर में यात्राओं का आयोजन करने का एलान कर दिया है| यह वह समय होगा, जब पांच राज्यों की विधानसभाओं के चुनाव हो रहे होंगे| स्टालिन के बयानों और विश्व हिन्दू परिषद की यात्राओं के एलान से हिन्दू-गैर हिन्दू की लड़ाई का नया मैदान तैयार हो गया है, जिसका राजनीतिक फायदा भाजपा को ही होगा| बिलकुल वैसे ही जैसे रामरथ यात्रा ने देश में हिन्दू नवजागरण का माहौल बनाया था| यात्राओं का मकसद सत्य सनातन हिन्दू धर्म पर हो रहे हमलों का विरोध करना है|
खुद को हिन्दू नेता कहने वाले और बाबरी ढाँचे को तोड़ने का श्रेय लेने वाले बाल ठाकरे के बेटे उद्धव ठाकरे का यह बयान भी चौंकाने वाला है कि श्रीरामजन्मभूमि मन्दिर के शिला न्यास के बाद गोधरा जैसा कांड हो सकता है| सन 2002 में रामजन्मभूमि पर रामलला के दर्शन करके लौट रहे हिन्दू तीर्थ यात्रियों को गोधरा में उनके ट्रेन के डिब्बे को आग लगा कर ज़िंदा जला दिया गया था| जिसके बाद गुजरात में हिंदू मुस्लिम दंगे हुए थे, इन्हीं दंगों के कारण सोनिया गांधी ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को मौत का सौदागर कहा था।
2004 में केंद्र में सरकार बनने के बाद कांग्रेस ने मोदी के खिलाफ सीबीआई की जांच शुरू करवा दी थी| कांग्रेस सरकार के इशारे पर सीबीआई ने तब गुजरात के मुख्यमंत्री मोदी को सीबीआई के दफ्तर में बुला कर कई घंटे तक उनसे पूछताछ की थी| उसके बाद से नरेंद्र मोदी का कद बढ़ता चला गया| उनका कद इतना बढ़ा कि भाजपा को मजबूर होकर उन्हें प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करना पड़ा था|
स्टालिन और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटों के सनातन धर्म विरोधी बयानों और उसमें उद्धव ठाकरे का बयान जुड़ने के बाद तस्वीर कुछ ऐसी बन रही है कि इंडी एलायंस की रणनीति हिन्दुओं को जातियों में बांटना और अल्पसंख्यकों को अपने साथ लाकर भाजपा और मोदी को हराने की है| क्योंकि जब से उदयनिधि का बयान आया है, तबसे गठबंधन के सभी दलों का सेक्यूलरिज्म खुल कर सामने आ गया है| उनका बयान सनातन धर्म का समूल नाश करने का था|
इंडी गठबंधन के किसी नेता ने अभी तक उदयनिधि स्टालिन के बयान की निंदा नहीं की थी, और अब यह नया बयान इंडी गठबंधन पर ही आ गया| अब तक तो इंडी गठबंधन के नेता यही कह रहे थे कि सबको बोलने की आज़ादी है|
लेकिन जब नूपुर शर्मा ने टीवी चैनल पर एक डिबेट के दौरान बोलने की आज़ादी का इस्तेमाल करते हुए एक एतिहासिक तथ्य सबके सामने रखा था, तो इन्हीं सब लोगों ने नूपुर शर्मा की निंदा की थी| जिस पर भारतीय जनता पार्टी ने नूपुर शर्मा को न सिर्फ प्रवक्ता पद से हटा दिया था, बल्कि उन्हें भाजपा से भी निलंबित कर दिया था| अब बिलकुल वैसी ही हिन्दू धर्म विरोधी टिप्पणी इंडी एलायंस के एक नेता की आई है, तो उन्हें निलंबित करना तो दूर की बात, उनकी निंदा भी नहीं की जा रही| इंडी गठबंधन के लगभग सभी नेताओं ने अभिव्यक्ति की आज़ादी का बयान देकर मामले को रफादफा करने की कोशिश की है|
कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने अभिव्यक्ति की आज़ादी बता कर उदयनिधि स्टालिन का बचाव किया था। उनकी निंदा करने की बजाए उन्होंने कहा कि कांग्रेस सर्वधर्म समभाव में विश्वास रखती है| कांग्रेस की तरफ से सर्व धर्म समभाव की बात कह कर कांग्रेस का पिंड छुडाने की बात कही, लेकिन अब जो कहा जा रहा है कि गठबंधन सनातन धर्म के विरोध के आधार पर बना है, उसका आधिकारिक जवाब गठबंधन की ओर से नहीं दिया जा रहा|
इसलिए भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने 12 सितंबर को एक्स पर अपना बयान जारी करते हुए इंडी गठबंधन से पूछा है कि वह डीएमके नेताओं के बयान पर अपनी स्थिति साफ़ करे| क्या यह सच है कि इंडी गठबंधन सनातन धर्म के विरोध में खड़ा किया गया है| वैसे सनातन विरोधी गठबंधन के पीछे उन्होंने सोनिया गांधी और राहुल गांधी की रणनीति बताया| बोलने की आज़ादी को ढाल बना कर स्टालिन का बचाव करने वालों से नड्डा ने पूछा है कि क्या संविधान किसी धर्म की आलोचना का अधिकार देता है| नड्डा ने कहा कि प्रियंक खड़गे का सनातन विरोधी बयान ही कांग्रेस की आधिकारिक लाईन है|
नड्डा को सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर निशाना साधने का मौक़ा इसलिए मिल गया, क्योंकि इसी मुद्दे पर राहुल गांधी का फ़्रांस से बहुत ही दिलचस्प बयान आया है| उन्होंने कहा है कि उन्होंने वेद, उपनिषद, रामायण, महाभारत सब पढ़ रखे हैं| उनके इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी और विश्व हिन्दू परिषद के नेता ही उनकी खिल्ली नहीं उड़ा रहे, बल्कि सोशल मीडिया पर भी उनकी जमकर खिल्ली उड़ रही है| सोशल मीडिया पर लोग उन पर टिप्पणी कर रहे हैं कि अगर उन्होंने रामायण पढ़ी होती, तो उनकी सरकार सुप्रीमकोर्ट में हल्फिया बयान देकर भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल नहीं उठाती| रामसेतु को तोड़ने की वकालत नहीं करती|
अगर राहुल गांधी को हिंदुइज्म का जरा भी ज्ञान होता, तो उन्हें उदयनिधि के सनातन धर्म को खत्म करने वाले बयान पर तकलीफ होती और वह इतने दिनों तक अपनी जुबान बंद नहीं रख पाते| स्टालिन और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे प्रियंक खड़गे की सनातन विरोधी टिप्पणी ने भाजपा को इंडी गठबंधन के खिलाफ हथियार दे दिया है| इंडी गठबंधन के दो अन्य दलों से जुड़े बिहार के शिक्षामंत्री चन्द्रशेखर और दिल्ली के पूर्व मंत्री राजेन्द्र पाल गौतम पहले ही हिन्दू देवी देवताओं के खिलाफ टिप्पणी कर चुके हैं| अब इंडी एलायंस के नेताओं को अपनी स्थिति स्पष्ट करने का दवाब झेलना पड़ेगा।
(इस लेख में लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं। लेख में प्रस्तुत किसी भी विचार एवं जानकारी के प्रति Oneindia उत्तरदायी नहीं है।)












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