तीसरी टर्म के लिए आश्वस्त मोदी ने कई गुत्थियां सुलझा दी
Narendra Modi Speech: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बार चुनावों में मीडिया की दस साल की सारी नाराजगी दूर कर दी कि वह मीडिया से बात क्यों नहीं करते| उन्होंने कई छोटे बड़े विजुअल और प्रिंट मीडिया को इंटरव्यू दिये| यहां तक कि क्षेत्रीय भाषाई न्यूज चैनलों और प्रिंट मीडिया को भी जम कर इंटरव्यू दिए, भले ही उनके पत्रकारों को सवाल हिन्दी या अंगरेजी में पूछने पड़े और मोदी ने जवाब हिन्दी में ही दिए|
आज तक किसी भी प्रधानमंत्री ने क्षेत्रीय भाषाओं के विजुअल और प्रिंट मीडिया को इतने इंटरव्यू नहीं दिए थे, जितने नरेंद्र मोदी ने पिछले दो महीनों में दे दिए| पिछले दोनों लोकसभा चुनावों में नरेंद्र मोदी ने रजत शर्मा को चुनावों की शुरुआत में इंटरव्यू दिया था| दोनों ही बार रजत शर्मा को दिए गए मोदी के इंटरव्यू ने चुनाव का एजेंडा सेट किया था, जिससे मोदी को विपक्ष पर भारी पड़ने में मदद मिली थी| जबकि इस बार उन्होंने इस हथियार का चुनावों में इस्तेमाल ही नहीं किया।

मोदी चाहते तो रजत शर्मा को पहले भी इंटरव्यू दे सकते थे, क्योंकि रजत शर्मा का इंटरव्यू अलग किस्म का जनता के बीच होता है, जहां जनता को भी सवाल पूछने का मौक़ा दिया जाता है| लेकिन मोदी ने 438 सीटों यानी 80 प्रतिशत सीटों पर चुनाव हो जाने के बाद संभवत अपना आख़िरी इंटरव्यू रजत शर्मा को दिया| अब जबकि सिर्फ 115 लोकसभा सीटों पर चुनाव होना बाकी रह गया है, तो भारत मंडपम में सैंकड़ों दर्शकों के सामने हुए इंटरव्यू का उन्हें कोई चुनावी लाभ होता नहीं दिखता|
इंटरव्यू से एक दिन पहले 22 मई को दिल्ली में रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा था कि पांच चरणों के चुनावों ने ही भाजपा की जीत तय कर दी है| यह कहने के बाद भारत मंडपम में हुआ इंटरव्यू जीत से पहले के जश्न जैसा था| नरेंद्र मोदी की बॉडी लैंग्वेज साफ़ बता रही थी कि उन्हें अपनी जीत में कोई आशंका नहीं है| इसीलिए उन्होंने अपने भविष्य के एजेंडे की तरफ भी इशारा कर दिया कि तीसरी टर्म में भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी लड़ाई का अब प्रचंड रूप सामने आएगा|

जब रजत शर्मा ने कहा कि उनके प्रधानमंत्री बनने से पहले समाज में यह धारणा थी कि राजनीतिज्ञ एक दूसरे की सुरक्षा करते हैं, बड़ी मच्छलियों पर हाथ नहीं मारते, तो मोदी ने कहा कि परिवारवाद और भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी लड़ाई और तेज होगी और तीसरी टर्म में वह बड़े से बड़े चोर को पकड़ेंगे| अगर यह भी उनकी गारंटियों में से एक है तो उनकी यह गारंटी सोनिया, राहुल, केजरीवाल और हेमंत सोरेन के लिए भी एक इशारा है|
केजरीवाल अपनी शिक्षा, स्वास्थ्य योजनाओं का खूब प्रचार करते हैं, वह यह भी कहते हैं कि मोदी ने अच्छी शिक्षा देने वाले शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया को जेल में डाल दिया, लेकिन वह यह नहीं बताते कि सिसोदिया शिक्षा मंत्री के साथ शराब मंत्री भी थे| मोदी ने केजरीवाल और सिसोदिया पर जोरदार हमला करते हुए कहा कि शिक्षा नीति के नाम पर ढोंग करने वालों ने हर स्कूल के पास शराब का ठेका खोल दिया था| बिना केजरीवाल का नाम लिए मोदी ने कहा कि जो सब जगह बेनकाब हो गए हैं, वे न्यायपालिका का सहारा ले रहे हैं|
यह कह कर मोदी ने ज्यूडिशियरी को भी बता दिया है कि वह इस्तेमाल हो रही है| उसे अपनी साख बचाने के बारे में सही वक्त पर सोच लेना चाहिए| मोदी ने अरविन्द केजरीवाल के बार बार बच निकलने की ओर इशारा करते हुए कहा कि जो एक्सपर्ट चोर होता है, उसे कई रास्ते पता होते हैं| जो खुद आईआरएस रहा है, उसे कई रास्ते पता हैं| अरविन्द केजरीवाल को चुनाव प्रचार के लिए दी गई अंतरिम जमानत की देश भर में आलोचना हुई है| संभवत मोदी का इशारा इसी तरफ था| मोदी के इस इंटरव्यू के 36 घंटे बाद दिल्ली में चुनाव होना है| अरविन्द केजरीवाल जेल से छूटने के बाद से नरेंद्र मोदी पर हमलावर हैं|
अरविन्द केजरीवाल ने ही पिछले दिनों कहा था कि 75 साल की उम्र पूरी होने पर मोदी प्रधानमंत्री पद छोड़ देंगे और अमित शाह को प्रधानमंत्री बना देंगे| हालांकि पता नहीं केजरीवाल ऐसा क्यों कहते घूम रहे हैं। शायद उन्हें लगता है कि मोदी बहुत लोकप्रिय हैं, उनके नेतृत्व में भाजपा चुनाव नहीं हारेगी, लेकिन अगर यह कहा जाए कि मोदी अपने नाम पर वोट ले कर अमित शाह को प्रधानमंत्री बनाएंगे, तो शायद जनता में भाजपा के प्रति उत्साह कम हो| लेकिन नरेंद्र मोदी ने कह दिया है कि उन्हें ईश्वर ने ख़ास प्रयोजन के लिए भेजा है, इसलिए जब तक वह खुद नहीं बुलाते, तब तक वह काम करते रहेंगे| इस तरह उन्होंने साफ़ घोषणा कर दी है कि भाजपा सत्ता में रहेगी तो वह जवाहर लाल नेहरू और इंदिरा गांधी की तरह मरते दम तक प्रधानमंत्री रहेंगे| या फिर राष्ट्रपति बनेंगे, क्योंकि उन्होंने काम करते रहने की बात कही है|
अब जब कि 80 प्रतिशत सीटों पर चुनाव हो चुका है और 20 प्रतिशत सीटों पर चुनाव बाकी पड़ा है, तो नरेंद्र मोदी ने भी एक तरह से मान लिया है कि एनडीए को 400 सीटें नहीं मिलने वाली| विपक्ष पर चुटकी लेते हुए मोदी ने कहा कि वह 400 के नारे में फंस गया, तीसरे चरण तक तो विपक्षी नेता इसी बात पर उलझे रहे कि 400 सीटें नहीं आएंगी| उनके कहने का मतलब था कि उन्होंने तो चूहे पकड़ने की चूहेदानी रखी थी, विपक्ष उसी में फंस कर रह गया|
जब एक दर्शक ने उनसे पूछा कि भारत में यह धारणा है कि सब नेता अपने बच्चों के लिए मेहनत कर रहे हैं (तिजौरियां भर रहे हैं) लेकिन आप के आगे पीछे तो कोई नहीं, फिर आप इतनी मेहनत क्यों कर रहे हैं, तो मोदी ने दो टूक कहा कि वह देश के लिए जी रहे हैं, अपने परिवार के लिए नहीं जी रहे| बिना लालू यादव का नाम लिए उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने अपने पांच पांच बच्चों (हालांकि लालू यादव के नौ बच्चे हैं) के लिए संपत्ति जोड़ी है, लेकिन मेरा परिवार सारा देश है, 140 करोड़ लोग हैं, वह उन सब के लिए मेहनत कर रहा हूं|
मोदी ने परिवारवाद, भ्रष्टाचार और मुस्लिम तुष्टिकरण पर अपने हमले जारी रखते हुए संकेत दिया कि उनकी तीसरी टर्म में ये तीनों ही वर्ग उनके निशाने पर रहेंगे| परिवारवाद पर कड़ा प्रहार करते हुए उन्होंने सोनिया गांधी के रायबरेली में दिए गए भाषण का बिना उनका नाम लिए जिक्र किया| सोनिया गांधी रायबरेली में राहुल गांधी के प्रचार करने जाती हैं और वहां कहती है कि मैं अपना बेटा सौंप रही हूँ, यह कैसा लोकतंत्र है| लोकतंत्र की दुहाई देने वालों पर यह नरेंद्र मोदी का सबसे बड़ा हमला था कि लोकतंत्र में गद्दी बेटे या बेटी को नहीं सौंपी जाती|
(इस लेख में लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं। लेख में प्रस्तुत किसी भी विचार एवं जानकारी के प्रति Oneindia उत्तरदायी नहीं है।)












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