Congress and G20: मोदी का मैसेज बनाम राहुल का मैसेज
Congress and G20: जी-20 के मौके पर भारत से दो संदेश दिए जा रहे हैं। वसुधैव कुटुंबकम का एक मैसेज दिल्ली से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दे रहे हैं, तो भारत में दलितों के शोषण का एक मैसेज ब्रसेल्स से राहुल गांधी दे रहे हैं| दोनों परस्पर विरोधी संदेश हैं| मोदी दुनिया में भारत की वह छवि उभारना चाहते हैं, जो सदियों से भारत की छवि रही है कि हम पूरी दुनिया को एक परिवार मानते हैं| इसलिए यहां जो कोई भी आया, भारत के हिन्दुओं ने उसे गले लगाया| पारसी, यहूदी या मुस्लिम सब भारत में आकर बिना किसी रोक टोक के अपने धर्मानुसार पूजा पाठ करते रहे और आज भी करते हैं|
लेकिन राहुल गांधी यह मैसेज दे रहे हैं कि भारत में हिन्दुओं के दलित समुदाय के साथ भेदभाव हो रहा है और स्वर्ण हिन्दू उनका शोषण कर रहे हैं| सिर्फ राहुल गांधी ही नहीं कांग्रेस के अन्य नेताओं ने भी यह कह कर देश के मैसेज को ही बदल दिया कि राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे को राष्ट्रपति भवन में रात्रिभोज का निमंत्रण इसलिए नहीं दिया गया, क्योंकि वह दलित हैं| यह कह कर कांग्रेस ने वसुधैव कुटुंबकम के भारतीय मैसेज के चीथड़े उड़ा दिए|

विदेशी मीडिया यह नहीं समझ पाएगा कि दलित और आदिवासी का वोट पाने के लिए कांग्रेस ने जिस राष्ट्रपति पर छींटाकशी की है, वह खुद आदिवासी हैं| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने कार्यकाल में दो राष्ट्रपति बनवाने का मौक़ा मिला, और उन्होंने एक दलित और एक आदिवासी राष्ट्रपति बनवाया। इससे पहले भाजपा की सरकार में अटल बिहारी वाजपेयी को राष्ट्रपति बनवाने का मौक़ा मिला, तो उन्होंने एक मुस्लिम को राष्ट्रपति बनवाया| मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इन तीनों ही समुदायों को भाजपा सरकार के खिलाफ भड़काने का काम किया है। जी-20 के मौके पर भी उन्होंने भारत की बदनामी करने में कोई कसर नहीं छोड़ी|
यह संयोग ही है कि तमिलनाडू के मुख्यमंत्री स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन और राहुल गांधी का बयान जी-20 के मौके पर एक साथ आया है| दोनों बयानों में एकरूपता है| एकरूपता यह है कि दोनों बयानों के पीछे हिन्दुओं का जातिवाद है| उदयनिधि स्टालिन हिन्दुओं में जातिवाद की कुरूति को सनातन धर्म के खिलाफ इस्तेमाल कर रहे हैं, और राहुल गांधी जातिवाद को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ इस्तेमाल कर रहे हैं|

इसमें तो कोई दो राय नहीं है कि हिन्दुओं में जातिवाद की कुरूति रही है| इस कुरूति के खिलाफ हिन्दुओं के भीतर से ही सदियों पहले से आवाज उठी और समाज सुधार के अनेक आन्दोलन भी शुरू हुए| जातिवाद और छुआछूत के खिलाफ अभियान चला| दलितों और आदिवासियों के साथ सदियों तक हुए हुए अन्याय और शोषण को खत्म करने के लिए भारत में छुआछूत के खिलाफ सख्त क़ानून बने, उन्हें बराबरी पर लाने के लिए संविधान में आरक्षण की व्यवस्था की गई, जो आज भी जारी है|
भाजपा और आरएसएस को स्वर्ण हिन्दुओं की पार्टी बताते हुए इन दोनों संगठनों को हमेशा आरक्षण विरोधी भी बताया जाता रहा| हर चुनाव के मौके पर इस तरह की बयानबाजी होती रही है। भाजपा और संघ सफाई भी देते रहते हैं कि वे आरक्षण विरोधी नहीं हैं| इस बार भी आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को बयान देना पड़ा कि दलितों आदिवासियों का आरक्षण तब तक जारी रहना चाहिए, जब तक वे अन्य समुदाय की बराबरी पर आ कर खड़े नहीं हो जाते| लेकिन हर बार दलितों, आदिवासियों का मुद्दा उठाने और इसबार यह मुद्दा उठाने में फर्क यह है कि इसबार इसका इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की बदनामी करने में किया जा रहा है|
दूसरी तरफ मोदी जी-20 के इस मौके का फायदा उठाकर भारत की सांस्कृतिक विरासत को दुनिया के सामने रख रहे हैं| मोदी ने अपने भाषण में भारत की हजारों साल पुरानी सर्वधर्म समभाव की विरासत याद दिलाई| उन्होंने देश की पहचान देश के प्राचीन नाम भारत के रूप में करवाई| प्रधानमंत्री जब अपना उद्घाटन भाषण दे रहे थे, तो उनके सामने रखी पट्टिका पर "भारत" लिखा था|
यह पहली बार हुआ है कि किसी अंतरराष्ट्रीय मंच पर इंडिया की जगह "भारत" शब्द का इस्तेमाल हुआ है| इसे देखकर हर भारतीय का सीना गर्व से फूला होगा, क्योंकि यही इस देश का प्राचीन नाम था| यह 75 साल पहले हुई गलती को सुधारने की पहल है, जब संविधान सभा में जवाहर लाल नेहरू की जिद्द के चलते देश का नाम "इंडिया देट इज भारत" लिखा गया था|
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमन खुद जवाहर लाल नेहरू की तरह अंग्रेजी में पढ़ाई की हुई हैं, शुद्ध हिन्दी बोल भी नहीं सकती, लेकिन उन्होंने एक्स पर लिखा कि "उम्मीद और विश्वास का नया नाम भारत"| हालांकि वह गलत हैं, क्योंकि भारत नया नाम नहीं है, यह न सिर्फ देश का प्राचीन नाम है, बल्कि संविधान में भी देश का यही नाम है|
जी-20 के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वही कमजोरी दूर करने की कोशिश की, जिसके कारण देश का नाम इंडिया रखा गया था| राष्ट्रपति ने अपने रात्रिभोज निमन्त्रण में और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी इंडोनेशिया यात्रा में जब इंडिया की बजाए भारत शब्द का इस्तेमाल किया तो कांग्रेस ने इस पर भी नाक भौं सिकोड़ी थी| विपक्षी गठबंधन के घटक दलों ने यहां तक कह दिया कि क्योंकि विपक्ष ने अपने गठबंधन का नाम इंडिया रखा है, इसलिए मोदी अब देश का नाम भी बदलना चाहते हैं| जबकि केबिनेट की मीटिंग में जब प्रधानमंत्री मोदी ने सभी मंत्रियों को हिदायत दी कि वे इंडिया-भारत मुद्दे पर कोई बयान नहीं दें, तभी साफ़ हो गया था कि यह मुद्दा उनके लिए राजनीतिक नहीं है|
मोदी ने इतिहास की उस गलती को सुधारने के लिए जी-20 के मौके पर पूरी योजना से इस्तेमाल किया है, जो संविधानसभा ने नेहरू के दबाव में आकर की थी| राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने जब से आमंत्रण पत्र में राष्ट्रपति ऑफ भारत लिखा है, तब से गढ़े मुर्दे उखड़ रहे हैं, और वे सारी बातें देश की जनता के सामने खुलकर आ रही हैं कि किस तर्क और किसकी जिद्द के चलते इंडिया और भारत दोनों नाम रखे गए थे|
यह बात भी सामने आ रही है कि संविधानसभा में देश का नाम इंडिया रखने पर कांग्रेस में गहरे मतभेद थे, उसी विरोध के कारण इंडिया के साथ भारत भी जोड़ा गया था| जवाहरलाल नेहरू का तर्क था कि संयुक्त राष्ट्र में भारत की पहचान इंडिया के नाम से है| सच यह है कि नेहरू की सोच भारतीय थी ही नहीं, वह हर बात को अंतरराष्ट्रीय और अंग्रेजों के नजरिए से देखते थे।
इसी अंतरराष्ट्रीय और अंग्रेजी नजरिए के कारण ही उन्होंने डॉ राजेन्द्र प्रसाद को राष्ट्रपति बनाने का विरोध किया था| उनकी जगह पर राजगोपालाचारी को राष्ट्रपति बनवाना चाहते थे, क्योंकि वह अंग्रेजी अच्छी बोल लेते थे और उनकी अंतरराष्ट्रीय पहचान थी| तब सरदार पटेल ने उन्हें कहा था कि वह हर मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय नजरिए से देखना बंद करें, भारतीय नजरिए से भी देखा करें| कांग्रेस में नेहरू का कड़ा विरोध हुआ और वह राजगोपालाचारी को राष्ट्रपति नहीं बनवा सके| लेकिन देश के नाम पर उन्होंने अपनी बात मनवा ली थी। नेहरू की जिद्द के चलते देश के दो नाम तो रख दिए गए थे, लेकिन उसके बाद भी कांग्रेस के भीतर देश का नाम सिर्फ भारत करने की कोशिशें जारी रही थीं|
बहुत पुरानी बात नहीं है, यूपीए के शासनकाल में ही कांग्रेस के एक सांसद ने दो बार संविधान संशोधन बिल पेश किया था| कांग्रेस के सांसद शांता राम नायक ने 2010 में प्राइवेट मेंबर बिल पेश किया, जिसमें इन्होने कहा कि इंडिया सिर्फ देश की भौगोलिक अवधारणा को पेश करता है, जबकि भारत देश की आत्मा और संपूर्ण अवधारणा को पेश करता है| जैसे हम भारत माता की जय बोलते हैं, इंडिया माता की जय नहीं बोलते|
गोवा प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष रहे और एक बार लोकसभा और दो बार राज्यसभा में कांग्रेस के सांसद रहे शांता राम नायक को सोनिया-राहुल गांधी का समर्थन नहीं मिला और उनका प्रस्ताव गिर गया| लेकिन जब वह दूसरी बार राज्यसभा सांसद बने तो 9 अगस्त 2012 को उन्होंने एक बार फिर वही प्रस्ताव पेश किया| यह वह एतिहासिक दिन था जिस दिन क्विट इंडिया मूवमेंट शुरू हुआ था, उन्होंने कहा कि देश आज़ाद हुआ तो क्विट "इंडिया" भी होना चाहिए था| जबकि उस समय जवाहर लाल नेहरू ने विदेशों में इंडिया नाम पापुलर होने का तर्क दिया था|
अब नरेंद्र मोदी ने दुनिया भर में भारत नाम पापुलर करने के लिए जी-20 के मौके को चुना है| इससे पहले वह 2019 में अपनी विदेश यात्राओं में इस्तेमाल होने वाले विमान पर बड़े बड़े अक्षरों में भारत लिखवा चुके हैं| दुनिया भर में देश का नाम भारत प्रचलित करने की उनकी योजना दीर्घकालीन रणनीति का हिस्सा है, ताकि नाम ठीक करने से पहले जवाहर लाल नेहरू के तर्क को काटा जा सके| मोदी इसमें सफल भी रहे, क्योंकि चीन को छोड़कर बाकी देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने इंडिया की जगह भारत नाम का ही इस्तेमाल किया| लेकिन कांग्रेस ने इतने बड़े बदलाव को भी तुच्छ राजनीति का शिकार बना दिया|
(इस लेख में लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं। लेख में प्रस्तुत किसी भी विचार एवं जानकारी के प्रति Oneindia उत्तरदायी नहीं है।)
-
अमित शाह ने 2029 के चुनावों में महिलाओं के लिए आरक्षण की मांग की, जबकि कांग्रेस ने परिसीमन पर चर्चा को स्थगित कर दिया। -
Strait of Hormuz संकट के बीच PM मोदी का बड़ा दांव: ‘E20’ से घटेगा तेल आयात, किसानों की कमाई भी बढ़ेगी! -
Keral election 2026: 'केरल में खिलेगा कमल, LDF-UDF दोनों भ्रष्टाचारी', पीएम मोदी ने भरी हुंकार, 5 बड़ी बातें -
Kerala Election 2026: त्रिशूर में मोदी का मेगा शो, क्या BJP की एंट्री से बंटेगा LDF-UDF का मुस्लिम वोट बैंक? -
Mann ki Baat में PM मोदी का अलर्ट, वैश्विक तनाव के बीच बोलें- कठिन समय में देशहित पर फोकस जरूरी, 5 बड़ी बातें -
Iran Vs America: खत्म होगी तेल की टेंशन! PM मोदी ने सऊदी प्रिंस से की फोन पर बात, किन मुद्दों पर चर्चा -
Jewar Airport: 'हर दो मिनट में उड़ेगा एक जहाज', PM मोदी ने किया एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट का उद्घाटन! -
Jewar Airport Explainer: कितनी लागत से बना? कितनी फ्लाइट्स चलेंगी-कनेक्टिविटी? कितने टर्मिनल?-7 सवालों के जवाब -
Jewar Noida Airport LIVE: उत्तर प्रदेश की उड़ान का प्रतीक है नोएडा एयरपोर्ट-PM मोदी -
PM Modi Speech Highlights: 'नौजवानों के भविष्य को मिलेगी उड़ान', PM मोदी ने किया Noida Airport का उद्घाटन -
Silver Rate Today: चांदी फिर हुई सस्ती, अचानक 11,000 गिरे दाम, दिल्ली से पटना तक ये है 100 ग्राम सिल्वर का रेट -
3 शादियां कर चुकीं 44 साल की फेमस एक्ट्रेस ने मोहनलाल संग शूट किया ऐसा इंटीमेट सीन, रखी 2 शर्तें और फिर जो हुआ












Click it and Unblock the Notifications