बंगाल के पूर्व वित्त मंत्री अमित मित्रा बोले- 1.25 लाख करोड़ का हुआ GST फ्रॉड, केंद्र पर लगाया बड़ा आरोप
पश्चिम बंगाल के पूर्व वित्त मंत्री अमित मित्रा ने कहा कि पिछले दो साल में 1.25 करोड़ रुपए से अधिक की जीएसटी धोखाधड़ी सामने आई। जीएसडी परिषद की इस गड़बड़ी के लिए उन्होंने केंद्र पर गंभीर आरोप लगाए।

पश्चिम बंगाल (Wes Bengal) के पूर्व वित्त मंत्री अमित मित्रा (Amit Mitra) ने केंद्र की भाजपा नेतृत्व वाली सरकर और जीएसटी परिषद (GST Council) पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में जीएसडी परिषद जैसी संस्था से भी संघवाद खत्म सा होता जा रहा है। ये काउंसिल एक विषाक्त माहौल में कार्य कर रही है। उन्होंने केंद्र के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में 1.25 करोड़ रुपए से अधिक की जीएसटी धोखाधड़ी सामने आई।
1,25,593 करोड़ की GST धोखाधड़ी
बंगाल के पूर्व वित्त मंत्री अमित मित्रा ने राज्यसभा में MoS वित्त पंकज चौधरी द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों को लेकर 2020 के बाद हुई धोखाधड़ी के आंकड़ों का हवाला दिया। केंद्र के आंकड़ों का जिक्र करते हुए मित्री ने कहा, "2020 के बाद जीएसडी धोखाधड़ी कुल 55,575 करोड़ रुपये थी और कुल धोखाधड़ी के मामले 22,300 थे। लेकिन सटीक आंकड़ा मेरे पास है, जिसके अनुसार जीएसटी धोखाधड़ी कुल 1,25,593 करोड़ रुपये की हुई।" श्री मित्रा ने कहा, आंकड़े केंद्र सरकार की घोषणाएं थीं और अगर राज्य के आंकड़ों को ध्यान में रखा जाए, तो यह आंकड़ा 2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।
अमित मित्रा कोलकाता में वेस्ट बंगाल नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ ज्यूरिडिकल साइंसेज (एनयूजेएस) में जीएसटी की सफलता पर एक राष्ट्रीय सम्मेलन में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि जीएसटी एक विषाक्त माहौल में कार्य कर रही है। मित्रा ने बताया कि 2017 से अब तक पिछले 5 वर्षों के भीतर जीएसटी परिषद के कामकाज में कैसे बदलाव आया। मित्रा ने कहा कि GST परिषद देश में एकमात्र ऐसी संस्था है जो पूरी तरह से संघवादी है। ये सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मंत्री परिषद का हिस्सा हैं, जिसकी अध्यक्षता भारत के वित्त मंत्री करते हैं। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पुराना संघवाद लगातार खत्म सा हो रहा है। उन्होंने कहा कि जीएसटी परिषद का मौजूदा ढांचा धोखाधड़ी से भरा हुआ है।
बता दें कि अमित मित्रा वर्तमान में बंगाल के मुख्यमंत्री के प्रधान मुख्य सलाहकार हैं। उनके पास कैबिनेट मंत्री की रैंक है। मित्रा ने जीएसटी पर भाजपा के बदलते रुख की ओर भी इशारा किया। उन्होंने सवाल किया कि जीएसटी का विरोध पहले किसने किया? उन्होंने कहा कि उस वक्त वे विज्ञान भवन में मौजूद थे जब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा पश्चिम बंगाल का प्रतिनिधित्व करने के लिए नामित किया गया था। गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री ने जीएसटी का कड़ा विरोध किया।
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