पश्चिम बंगाल बार काउंसिल ने चीफ जस्टिस को लिखा पत्र, कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को हटाने की मांग
पश्चिम बंगाल बार काउंसिल ने चीफ जस्टिस को लिखा पत्र, कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को हटाने की मांग
कोलकाता, 28 जून: पश्चिम बंगाल की बार काउंसिल ने रविवार (27 जून) को भारत के मुख्य न्यायाधीश (चीफ जस्टिस) एनवी रमना को पत्र लिखा है। इस पत्र में कलकत्ता हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल को हटाने की मांग की है। पश्चिम बंगाल बार काउंसिल ने न्यायमूर्ति राजेश बिंदल पर आरोप लगाया है कि वह कुछ प्रमुख मामलों की सुनवाई में पक्षपात कर रहे हैं। छह पन्नों के इस पत्र को पश्चिम बंगाल की बार काउंसिल के अध्यक्ष और बज बज से टीएमसी विधायक अशोक कुमार देब ने हस्ताक्षर कर चीफ जस्टिस को भेजे हैं।

पत्र में कहा गया है कि कलकत्ता हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल एक पक्षपाती और अनुचित जज हैं। उनका कुछ फैसला पक्षपातपूर्ण होता है। इसलिए हाईकोर्ट में उनका बने रहना निष्पक्ष प्रक्रिया में हस्तक्षेप करता है।
पत्र में नारद स्टिंग ऑपरेशन मामले की सुनवाई में पक्षपाती होने का आरोप लगाया गया है। पत्र में कहा गया है कि मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल ने बिना किसी अहम जांत के विशेष सीबीआई अदालत द्वारा पारित एक अंतरिम जमानत आदेश पर रोक लगा दी थी।
बता दें कि नारद कांड पर सुनवाई के दौरान 17 मई को, न्यायमूर्ति बिंदल की अध्यक्षता में कलकत्ता हाईकोर्ट की पांच न्यायाधीशों की खंडपीठ ने चार टीएमसी नेताओं फिरहाद हकीम, मदन मित्रा, सुब्रत मुखर्जी और सोवन चटर्जी को विशेष सीबीआई अदालत द्वारा दिए गए जमानत आदेश पर रोक लगा दी थी।
पत्र में ये भी कहा गया है कि जस्टिस बिंदल को जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस के पद से भी हटाया गया था। वहीं उनकी आचरण की वजह से -कश्मीर बार एसोसिएशन उनके खिलाफ एक्शन लेने का सोचा था। जम्मू-कश्मीर में बिंदल की पोस्टिंग से बहुत से लोग नाखुश थे।
पत्र में इस बात पर भी जोर डाला गया है कि न्यायमूर्ति बिंदल की पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ के साथ अच्छी दोस्ती है। सोशल मीडिया पर दोनों के घूमने की त्सवीरें सामने आई हैं। न्यायमूर्ति बिंदल के आचरण के साथ-साथ तस्वीर से लगता है कि वह कलकत्ता हाई कोर्ट में राज्यपाल की बोली बोल रही हैं। सोशल मीडिया पोस्ट से यह धारणा बनती है कि न्यायमूर्ति बिंदल असल में बीजेपी के ही नेता हैं। इसलिए हमारी मांग है कि न्यायमूर्ति बिंदल फौरन हटाया जाए।












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