तृणमूल कांग्रेस और प्रशांत किशोर की I-PAC के बीच मतभेद उभरे, ट्विटर हैंडल के दुरुपयोग का आरोप
नई दिल्ली, 11 फरवरी: राजनीतिक सलाहकार प्रशांत किशोर और उनकी कंपनी I-PAC ने बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी की काफी मदद की थी, लेकिन अब दोनों में मतभेद उभरकर सामने आ गए हैं। राज्य सरकार में मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने I-PAC पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शुक्रवार को भट्टाचार्य ने कहा कि I-PAC ने उनकी जानकारी के बिना उनके सोशल मीडिया हैंडल का इस्तेमाल पोस्ट करने के लिए किया था। विवाद बढ़ता देख कंपनी ने भी इस पर सफाई दी है।
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ममता सरकार में राज्य मंत्री (MoS) चंद्रिमा भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि उनके सोशल मीडिया हैंडल का इस्तेमाल TMC के "#IsupportOnePersonOnePost" अभियान का समर्थन करने के लिए किया गया था। इसके अलावा इंडिया टुडे से बात करते हुए मंत्री ने कहा था कि सोशल मीडिया पोस्ट की निंदा करने वाले साथी मंत्री फिरहाद हकीम के बयान का समर्थन करती हैं।
वहीं मंत्री के आरोपों पर I-PAC ने ट्वीट कर सफाई दी है। कंपनी ने लिखा कि I-PAC तृणमूल कांग्रेस या उसके किसी भी नेता की डिजीटल प्रॉपर्टी (सोशल मीडिया अकाउंट) का इस्तेमाल नहीं करता है। ऐसा दावा करना वाला व्यक्ति या तो बेखबर है या वो खुले तौर पर झूठ बोल रहा है। तृणमूल कांग्रेस को इस बात पर गौर करना चाहिए कि उनकी डिजिटल संपत्तियों और/या उनके नेताओं की संपत्ति का कथित रूप से गलत इस्तेमाल किया जा रहा है या नहीं।
क्या है वन पर्सन वन पोस्ट?
आपको बता दें कि पिछले साल जब अभिषेक बनर्जी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव बने थे, तो उन्होंने वन पर्सन वन पोस्ट लागू की थी। इसका मतलब है कि पार्टी के नेताओं को सिर्फ एक ही जिम्मेदारी मिलेगी। उदाहरण के तौर पर अगर कोई मंत्री है तो उसे दूसरा कोई पद नहीं दिया जाएगा। पार्टी के कुछ नेता इसका समर्थन कर रहे, जबकि कुछ विरोध।












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