पश्चिम बंगाल सरकार का बड़ा कदम, पारित किया बलात्कार विरोधी विधेयक, सीएम ममता ने बताया क्या है इसमें प्रावधान
West Bengal Anti Rape Bill: पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार कोलकाता डॉक्टर रेप मर्डर केस को लेकर लगातार निंदा सह रही है। इस सबके बीच पश्चिम बंगाल सरकार ने मंगलवार को बलात्कार विरोधी विधेयक को सर्वसम्मति से पारित कर दिया है।
विधानसभा में आज पेश किए गए इस बिल को विपक्ष का पूरा समर्थन मिला। सत्तारूढ़ और विपक्षी दोनों दलों से मिले एकमत समर्थन से इस कानून की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया।

मंगलवार को विधानसभा में ये बिल पास होने के बाद ममता बनर्जी ने कहा "बलात्कार विरोधी विधेयक का उद्देश्य त्वरित न्याय और अपराधियों को कड़ी सज़ा देना है। पुलिस को 21 दिनों जांच पूरी करनी होगी इसके साथ उन्होंने बताया चार्जशीट के 36 दिन में मौत का प्रवाधान किया गया है।
सीएम ने ये बिल पास होने के बाद बताया कि बलात्कार विरोधी विधेयक में त्वरित जांच, त्वरित न्याय और सख्त सजा पर जोर दिया गया है। बलात्कार विरोधी विधेयक का उद्देश्य त्वरित जांच और त्वरित न्याय सुनिश्चित करना है।
बता दें ममता बनर्जी सरकार ने ये अहम कदम हाल ही में कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक ट्रेनीडॉक्टर के बलात्कार और हत्या मामले पर जनता में फैले आक्रोश के बाद उठाया है। माना जा रहा है कि ममता बनर्जी सरकार का यह निर्णय महिलाओं के खिलाफ़ अपराधों से ज़्यादा प्रभावी ढंग से निपटने में सरकार की मदद करेगा।
इस बिल के पास होने से ऐसे मामलों में त्वरित जांच और त्वरित अदालती कार्यवाही के साथ, पीड़ितों को अधिक समय पर न्याय मिलने की उम्मीद हो सकती है।
आरजी कर मेडिकल कॉलेज में हुई दुखद घटना ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए मजबूत कानूनी उपायों की मांग को और तेज कर दिया हैनए विधेयक में बलात्कार के दोषियों के लिए कठोर दंड का प्रस्ताव है, जिसका उद्देश्य कठोर कानूनी परिणामों के माध्यम से ऐसे अपराधों को रोकना है। यह विधायी प्रयास पश्चिम बंगाल में महिलाओं की सुरक्षा में सुधार करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
ये भी पढ़ें-Bengal: ममता बनर्जी ने किया 'अपराजिता टास्क फोर्स' के गठन का ऐलान, बंगाल पुलिस का किया बचाव












Click it and Unblock the Notifications