'सिर्फ TMC में ही बीजेपी से लड़ने की हिम्मत': कांग्रेस-सीपीएम के खिलाफ क्या बोले अभिषेक बनर्जी? जानिए
West Bengal Panchayat Election 2023 news: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जहां एक तरफ बीजेपी के खिलाफ विपक्ष को गोलबंद करने के लिए कांग्रेस नेताओं के साथ बैठकें कर रही हैं। वहीं पश्चिम बंगाल में वह कांग्रेस और सीपीएम नेताओं का समर्थन नहीं जीत पा रही हैं।
तृणमूल कांग्रेस पार्टी की सुप्रीमो ममता बनर्जी के भतीजे और पार्टी के दूसरे नंबर के नेता अभिषेक बनर्जी ने कहा है कि वैसे तो लगता है कि केंद्र में कांग्रेस भाजपा से लड़ने को लेकर गंभीर है, लेकिन पश्चिम बंगाल में ऐसी स्थिति नजर नहीं आती।

कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व पर टीएमसी का हमला
अभिषेक बनर्जी ने रविवार को दावा किया है कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने कभी भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ एक शब्द भी नहीं कहा है। मालदा जिले के सुजापुर में पंचायत चुनाव की एक रैली में अभिषेक ने आरोप लगाया कि जब केंद्र ने मनरेगा का फंड रोक दिया तो भी चौधरी या प्रदेश कांग्रेस का कोई नेता गरीबों के पक्ष में खड़ा नहीं हुआ।
'शाह या नरेंद्र मोदी के खिलाफ एक शब्द भी बोलते'
उनके मुताबिक, 'हालांकि कांग्रेस के बड़े नेता जैसे कि राहुल गांधी हमारी नेता ममता बनर्जी के साथ बीजेपी के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने की चर्चा में शामिल होते हैं, हमें हैरानी होती है कि प्रदेश कांग्रेस प्रमुख का क्या रोल है, जो कभी भी अमित शाह या नरेंद्र मोदी के खिलाफ एक शब्द भी बोलते हुए नहीं दिखे हैं।'
सिर्फ टीएमसी को कमजोर करना चाहते हैं- अभिषेक बनर्जी
ममता के भतीजे ने कहा, 'उनका (अधीर रंजन चौधरी) एक ही इरादा लगता है कि ममता बनर्जी की अगुवाई वाली पार्टी को कमजोर करना, जो बंगाल के लोगों के हितों की रक्षा करती हैं। उन्हें अमित शाह के गृह मंत्रालय की सिक्योरिटी कवर मिलती है, क्योंकि उन्हें पश्चिम बंगाल की पुलिस पर भरोसा नहीं है।'
'सिर्फ टीएमसी में ही बीजेपी से लड़ने की हिम्मत है'
अभिषेक बनर्जी ने यह भी दावा किया कि प्रदेश का कोई भी सीपीएम नेता भी बीजेपी के खिलाफ बोलता हुआ नहीं दिखा है। उन्होंने दावा किया कि, 'क्या आपने कभी भी मोहम्मद सलीम, बिमान बोस और सुजान चक्रवर्ती को बीजेपी के नफरत वाले एजेंडे के खिलाफ एक भी शब्द बोलते हुए सुना है? उनमें हिम्मत नहीं है। सिर्फ टीएमसी में ही बीजेपी से लड़ने की हिम्मत है।'
टीएमसी ने भाजपा-विरोधी गठबंधन को कमजोर किया-कांग्रेस
इन आरोपों के जवाब में अधीर रंजन चौधरी ने आरोप लगाया है कि टीएमसी का बीजेपी के साथ गुप्त समझौता है। उन्होंने दावा किया, 'कई प्रदेशों में कांग्रेस का विरोध करके, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी ने पश्चिम बंगाल में बीजेपी को बढ़ने में मदद तो की ही, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक पार्टियों के भाजपा-विरोधी गठबंधन को भी कमजोर कर दिया।'
ममता की भूमिका संदेह से परे नहीं-सीपीएम
वहीं सीपीएम के राज्यसभा सांसद बिकास रंजन भट्टाचार्य ने कहा है कि बीजेपी के खिलाफ लड़ाई में बंगाल की सीएम की भूमिका भी संदेह से परे नहीं है। इन आरोपों-प्रत्यारोपों पर बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता समिक भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि बंगाल में मनरेगा (MGNREGA) और पीएम आवास योजना का फंड लाभार्थियों तक नहीं पहुंच पा रहा था और टीएमसी के नेता खा जा रहे थे, इसलिए केंद्र ने उसे रोक दिया।
टीएमसी का मतलब भ्रष्टाचार-बीजेपी
वो बोले, 'सभी जानते हैं कि टीएमसी का मतलब भ्रष्टाचार। हालांकि, अभिषेक बनर्जी या कोई भी टीएमसी नेता जितनी भी कोशिशें कर लें, वह ये दाग नहीं हटा सकते। पश्चिम बंगाल की जनता ने टीएमसी को खारिज कर दिया है।' पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव एक ही चरण में 8 जुलाई को होना है। (इनपुट-पीटीआई)












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