ममता बनर्जी बोलीं- राज्य सरकारों का भी होना चाहिए एक यूनियन, केंद्र तंग करे तो मिलकर करें मुकाबला
कोलकाता, 9 जून: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य सरकारों का यूनियन बनाए जाने की मांग की है। ममता बनर्जी ने कहा है कि एक यूनियन होना चाहिए, जिसके जरिए राज्य सरकारें मिलकर एक साथ अपनी बात रख सकें। साथ ही अगर किसी एक राज्य तो तंग किया जाए तो उसका मुकाबल भी सभी राज्य मिलकर करें। ममता बनर्जी का ये बयान ऐसे समय में आया है, जब उनकी केंद्र की नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार से लगातार तनातनी चल रही है और वो केंद्र पर राजनीतिक बदले की भावना से काम करने का आरोप लगा रही हैं।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को अपनी प्रेस वार्ता में कहा, देश के संघीय ढांचा खतरे में है, राज्यों को कमजोर किया जा रहा है। भाजपा ये कर रही है, ऐसे में मेरी मांग है कि सब एकजुट होकर संघीय ढांचे को बचाने के लिए काम करें। साथ ही संघीय ढांचे में राज्य सरकारों का एक यूनियन भी होना चाहिए ताकि अगर किसी राज्य को परेशान किया जाए तो दूसरे राज्य उसके पक्ष में खड़े हों।
टीकाकरण को लेकर भी केंद्र पर साधा निशाना
कोरोना टीकाकरण की नीति को लेकर ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र को बस हर बात में क्रेडिट लेने का ध्यान रहता है। वैक्सीनेशन के लिए प्रधानमंत्री क्यों श्रेय ले रहे हैं, ये पैसे देश के लोगों के हैं, बीजेपी तो टीके नहीं लगा रही है। बजट में 35 हजार करोड़ रुपए वैक्सीन देने के लिए रखा गया था, जब सुप्रीम कोर्ट ने इस पैसे को लेकर सवाल किया तो पीएम ने फ्री टीके का ऐलान किया। इसके लिए हम सुप्रीम कोर्ट के आभारी हैं।
नए कृषि कानून वापस होने ही चाहिए
ममता बनर्जी ने बुधवार किसान नेता राकेश टिकैत से भी मांग की। ममता ने राकेश टिकैत को कहा कि वो और उनकी सरकार किसानों के साथ हैं। ममता ने कहा, उद्योगों को नुकसान हो रहा है और दवाओं पर जीएसटी लगाया जा रहा है। पिछले 7 महीनों से किसान धरने पर हैं लेकिन केंद्र सरकार ने किसानों से बात करने की जरूरत नहीं समझी है। मैं एक बार फिर किसानों की मांगों का समर्थन करते हुए मांग करती हूं कि तीनों कृषि कानूनों को वापस लिया जाए।












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